अफगानिस्तान में तालिबान के शासन में आने से भारत में भी हलचल मची हुई है।  तालिबान के पक्ष और विपक्ष में सोशल मीडिया पर बहस को देखा जा सकता है।  वहीं सपा हो या बीजेपी सभी दलों ने तालिबान के बहाने विरोधियों को निशाने पर लिया है।  

इसी कड़ी में अब जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि कश्मीरी अवाम की आवाज को दबाने की कोशिश होगी तो उसका भी हाल अफगानिस्तान सरकार की तरह होगा। 

बता दें कि महबूबा मुफ्ती यहीं नहीं रुकी बल्कि मोदी सरकार को जल्द से जल्द धारा 370 की बहाली की मांग भी कर डाली।  उन्होंने खुलकर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी नीत एनडीए सरकार को किसी भी तरह का भ्रम नहीं पालना चाहिये।  उन्होंने कहा कि अत्याचार ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाता है।  महबूबा ने स्वीकार किया कि यदि 1947 में बीजेपी की सरकार होती तो कश्मीर आज भारत का अंग नहीं होता।  उन्होंने वर्तमान सरकार को याद दिलाया कि देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरु ने जो वायदा किया था, उसे लागू किया जाना चाहिये। 

मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम ने जोर देकर कहा कि मोदी के फैसले से कश्मीर की जनता नाराज है।  उन्होंने आशंका जताई की जिस दिन यह जनता अपने अधिकारों के लिये खड़ी हो जाएगी।  उसके बाद अमेरिका की ही तरह पीछे हटना होगा. महबूबा मुफ्ती ने मोदी सरकार को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नजरिये पर चलने की सलाह भी दी।