पिछले हफ्ते नागरिकता संशोधन कानून को दिल्ली से लेकर मेघालय तक में दंगे भड़क उठे थे जिनमें कई लोगों की हत्याएं हो गई थी। हालांकि दिल्ली दंगे तो शां​त हो गए लेकिन मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग अभी सुलग रही है। यहां पर आदिवासी और गैर आदिवासी समूहों के बीच हिंसक झड़प के बाद वहां माहौल तनावपूर्ण है। गैरआदिवासियों के इचमाटी छोड़ने की खबरों के बीच गुरुवार को एक और प्रवासी मजदूर को चाकू मार दिया गया। पुलिस का कहना है कि मास्क पहने एक समूह ने एस इस्लाम (21) पर चाकू से शहर के मावखर इलाके में हमला कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि वह अब खतरे से बाहर है

अधिकारियों ने कहा कि असम से 200 प्रवासी मजदूरों ने इचमाटी छोड़ दिया है, जहां खासी स्टूडेंट्स यूनियन के एक ऐक्टिविस्ट की गैरआदिवासियों के साथ नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के बीच झड़प के दौरान पूर्व में हत्या हो गई थी। इस हिंसा में तीन लोगों की जान चली गई थी। सूत्रों ने गुरुवार को कहा कि प्रवासी मजदूरों को ट्रकों में भरकर असम-मेघालय सीमा पर जोरबाट ले जाया गया।

पुलिस का कहना है कि कुछ जगहों पर छिटपुट घटनाओं के बाद स्थिति सामान्य होती जा रही है। इस बीच, मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया गया है और शिलॉन्ग समेत अन्य क्षेत्रों में कर्फ्यू में भी ढील दी गई है। हालांकि, सुरक्षाबल स्थितियों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं

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