आठ महीने पहले दिसपुर पुलिस थाने में 24 वर्षीय महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। महिला को 8 महीने बाद मानव तस्करों के कब्जे से छुड़ाया गया। पीडि़ता मेघालय के पश्चिम जैतिया हिल्स के जोवई की रहने वाली है। मेघालय और असम पुलिस की संयुक्त टीम ने 22 सितंबर को पीडि़ता को पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी के खारपाड़ा से छुड़ाया। महिला को बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस की टीम के साथ पीडि़ता के माता पिता भी खालपाड़ा पहुंचे थे। महिला को उसके माता पिता के हवाले कर दिया गया। 24 वर्षीय महिला गुवाहाटी के जीएनआरसी अस्पताल में नर्सिंग इंटर्न के रूप में काम कर रही थी। वह अस्पताल से 50 मीटर दूर सुपर मार्केट इलाके में पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी। 2 फरवरी को महिला रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई। किसी को यह जानकारी नहीं थी कि वह कहां है।

2 फरवरी को पीडि़ता की मां ने अपनी बेटी की गुमशुदगी को लेकर दिसपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उसने 26 फरवरी को शिलॉन्ग के लुमडिएनजिरी पुलिस थाने में मिसिंग रिपोर्ट लिखाई। पश्चिम खासी हिल्स(सिटी)के एसपी विवेक सायेम ने सोमवार को कहा कि ईस्ट खासी हिल्स पुलिस की मिसिंग टीम ने यह जानते हुए कि लड़की गुवाहाटी से गायब हुई थी,जोरशोर से लड़की को ढूंढने की कोशिश की। जांच के दौरान ईस्ट खासी हिल्स की मिसिंग टीम ने पोको पुलिस थाने की मदद से बारपेटा जिले के सोनातारी गांव के रहने वाले नूर मोहम्मद को पकड़ा। नूर मोहम्मद महिला को गायब करने में शामिल था। पता चला कि नूर मोहम्मद ही वह आखिरी शख्स था जिससे महिला मिली थी। वह उसके कुछ संबंधियों के कब्जे में थी। नूर मोहम्मद ने स्वीकार किया कि उसने सराईघाट ब्रिज को पार करने के बाद हाजो में महिला क छोड़ दिया था। इसके बाद गुवाहाटी सिटी पुलिस ने रेगुरल केस दर्ज किया और नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया लेकिन जांच में आगे कोई प्रगति नहीं हुई।
ईस्ट खासी हिल्स की मिसिंग डेस्क ने मामले की जाच जारी रखी और यह सूचना एकत्रित की कि महिला को पश्चिम बंगाल ले जाया गया ह। शिलॉन्ग एसपी(सिटी) के मुताबिक मिसिंग टीम व ईस्स खासी हिल्स की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मामले की जानकारी ली और जब यह सूचना प्राप्त हुई कि उसे सिलीगुड़ी ले जाया गया है तो टीम 22 सितंबर को असम पुलिस के साथ तुरंत सिलीगुड़ी के लिए रवाना हुई। जब संयुक्त टीम सिलीगुड़ी पहुंची तो पीडि़ता को बंधक पाया। इसके बाद उसे मां-बाप से मिलाया गया। जब इलाके में छापा मारा गया तो महिला को बंधक बनाकर रखने वाले भाग घए। सायेम ने कहा कि मानव तस्करों की पहचान के लिए जांच अभी भी जारी है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में महिला को अगवा किया गया।