मेघालय की 59 सीटों के लिए मंगलवार को मतदान होगा। 3 मार्च को नतीजे घोषित होंगे। राज्य में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं लेकिन विलियमनगर सीट से एनसीपी उम्मीदवार जोनाथॉन संगमा कीहत्या के कारण यहां पर चुनाव बाद में होगा। विधानसभा चुनाव में सभी की नजरें सेलसेल्ला सीट पर लगी हुई है,जो एसटी के लिए रिजर्व है। 

यह सीट कांग्रेस और नेशनलिस्ट पीपुल्स पार्टी(एनपीपी)के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां पर कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। सेलसेल्ला सीट पर अब तक 10 बार चुनाव हुए। कांग्रेस ने 6 बार जीत दर्ज की। एनपीपी के चीफ और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए.संगमा(दिवंगत) के बेटे कोनराड के.संगमा यहां से तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं। दो बार हारे और एक बार जीते। पिछले चुनाव में यहां से कांग्रेस के क्लेमेंट मराक ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कोनराड संगमा को 2,107 वोटों से हराया था। मराक को कुल 12, 004 जबकि संगमा को 9, 897 वोट मिले थे। 2008 में कोनराड ने यहां से चुनाव जीता था। उन्होंने क्लीमेंट मारक को 1,394 वोटों से मात दी थी। तब कोनराड एनसीपी में थे। 

संगमा को कुल 5, 648 जबकि मराक को 4, 254 वोट मिले थे। 2005 में इस सीट पर उप चुनाव हुआ था। तब कांग्रेस के क्लीमेंट मराक ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने एनसीपी के कोनराड के.सगंमा को सिर्फ 182 वोटों से हराया था। मराक को कुल 2, 745 जबकि संगमा को 2, 563 वोट मिले थे। कांग्रेस ने एक बार फिर क्लेमेंट मराक पर दांव लगाया है। इस सीट से कांग्रेस के अतुल सी.मराक तीन बार विधायक रह चुके हैं। मराक ने पांच बार चुनाव लड़ा। दो बार हारे और तीन बार जीते।

भाजपा ने यहां से प्रमोद कोच को चुनाव मैदान में उतारा है जबकि एनपीपी ने सी.ए.संगमा, यूडीपी ने क्रिस काबुल ए.संगमा और एआईटीसी ने बिप्लब ए.मराक को चुनाव मैदान में उतारा है। दो निर्दलीय भी इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ये हैं डिल्लिराम जी.मराक और ड्रोमिंग सीएच.मराक। 1972 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के विलियम सेसिल आर.मराक ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने सीपीआई के रोजेन्द्र हाजोंग को 2083 वोटों से हराया था। मराक को कुल 2, 550 जबकि हाजोंग को सिर्फ 467 वोट मिले थे।

1978 के चुनाव में कांग्रेस ने फिर मराक पर दांव लगाया लेकिन वह चुनाव हार गए। एएचएल के गिरीश मराक ने विलियम को सिर्फ 82 वोटों से हराया। गिराश मराक को कुल 2, 170 जबकि विलियम को 2088 वोट मिले। 1983 के चुनाव में यहां से कांग्रेस के अतुल सी.मराक ने जीत दर्ज की। उन्होंने एएचएल के प्रेडिंगसन मराक को 1,027 वोटों से मात दी। मराक को कुल 2, 389 जबकि प्रेडिंगसन को 1,326 वोट मिले। 

1988 में भी अतुल सी. मराक ने चुनाव जीता। इस बार उन्होंने एचपीयू के जरनास बांगशाल को 659 वोटों से हराया। मराक को कुल 4,115 जबिक जरनास को 3, 456 वोट मिले। 1993 में भी अतुल सी मराक चुनाव जीते। उन्होंने एचपीयू के बारथार मराक को 407 वोटों से मात दी। अतुल सी. मराक को कुल 4, 823 जबकि बारथार मराक को 4, 416 वोट मिले। 1998 में अतुल सी.मराक चुनाव हार गए। पीडीएम के सी.आर.मराक ने उन्हें 794 मतों से हराया। संगमा को कुल 4, 333 जबकि मराक को 3, 539 वोट मिले। 2003 में कांग्रेस ने फिर मराक को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन वह फिर चुनाव हार गए। उन्हें हराने वाले थे सी.आर.संगमा। संगमा ने मराक को 170 वोटों से हराया। संगमा को कुल 2, 875 जबकि मराक को 2, 705 वोट मिले।