केंद्र सरकार पूरे भारत के लोगो को ‘आधार’ कार्ड से जोड़ने की मुहीम चला रही है जिससे देश के भारतीय नागरिकों की पहचान आधार कार्ड से हो सके लेकिन अब उसे छोड़ने के लिए मेघालय में अभियान शुरू हो गया है।

मेघालय के करीब 300 लोग आधार नंबर छोड़ने के लिए इस अभियान में शामिल हुए हैं। इसके पीछे उनकी दलील है कि 12 अंकों की यह पहचान संख्या गैर-मूल निवासियों को मतदान का अधिकार दिला सकती है। कुल 286 लोगों ने आधार पर मेघालय पीपुल कमेटी (एमपीसीए) को अभियान के तीसरे दिन पत्र सौंपा है। उन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से उनके नाम आधार से हटाने का अनुरोध किया है।


एमपीसीए के सचिव अगस्त जायरवा ने कहा कि अभियान जारी है और यह तीन नवंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के पास जाने से पहले पर्याप्त संख्या में आधार छोड़ने के पत्र पाने की उम्मीद है।

एमपीसीए केएसयू का एक शीर्ष संगठन है। इसके करीब पांच हजार सदस्यों ने स्वेच्छा से आधार के लिए पंजीकरण नहीं कराया है। वहीं, यूआईडीएआई के एक अधिकारी के मुताबिक मेघालय में 4.6 लाख से ज्यादा लोगों के पास आधार नंबर हैं और इसके लिए रजिस्ट्रेशन जारी है।


आपको बता दें कि, मेघालय में जून में आधार का रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद से ही इसकी प्रक्रिया का कड़ा विरोध हो रहा है।