महिला प्रधान राज्य होने के बावजूद पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध बढ़े हैं। राज्य पुलिस के अनुसार साल 2014-16 के दौरान मेघालय में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध बढ़े हैं। राज्य पुलिस के आंकड़ों के अनुसाल साल 2014-16 के दौरान मेघालय में महिला उत्पीडऩ से संबंधित 1120 गंभीर मामले सामने आए हैं।

आंकड़ों की मानें तो साल 2014 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 388 मामले सामने आए थे, जबकि 2015 में 334 और 2016 में इनकी संख्या बढ़कर 398 हो गई। जहां तक बच्चों के खिलाफ अपराध का संबंध है, इसी अवधि के दौरान 710 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी तरह साल 2014 में राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों की संख्या 213 थी, जबकि साल 2015 में यह संख्या 257 तक बढ़ गई।


पिछले साल राज्य में बच्चों के खिलाफ 240 अपराध के मामलों की सूचना थी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने हालिया शिलोंग दौरे के दौरान राज्य में महिलाों और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की थी। शिलोंग के पोलो ग्राउंड में भाजपा की रैली में प्रधानमंत्री ने कहा था कि मेघालय एक मातृभूमि राज्य होने के बावजूद पिछले कुछ सालों में यहां महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि लड़कियां अब राज्य में सुरक्षित नहीं हैं।