मेघालय उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अदालत में एहतियात के तौर पर जरूरी मामलों की ही सुनवाई करने का फैसला किया है। न्यायालय की ओर से सोमवार को जारी परिपत्र में कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल बेलमा माविरे ने इस प्रतिबंध को 27 मार्च तक लागू किया है।


परिपत्र में बताया गया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की ओर से पांच मार्च को जारी ज्ञापन में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ सलाह दी गयीं थी जिनमें इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से मना किया गया था। उच्चतम न्यायालय और देश के सभी उच्च न्यायालयों ने इस वायरस से बचने के लिए कुछ सुझाव दिये थे।


मेघालय सरकार ने भी राज्य के लोगों के लिए सलाह जारी किया है और राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अगले आदेश तक बंद रखने की सलाह दी है। सुश्री माविरे ने कहा कि मेघालय में बार काउंसिल के सभी सदस्यों, अधिवक्ताओं, उच्च न्यायालय कर्मचारियों और अन्य अदालत से जुड़े लोगों को सूचित किया गया कि 16 से 27 के बीच सुनवाई के दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई की जाए और अन्य सभी मामलों को स्थगित किया जाए।


उन्होंने अदालत कर्मियों से अदालत परिसर को शाम छह बजे तक खाली करने के लिए कहा है। आमतौर पर टॉयलेट, कॉरिडोर, सीढ़ी, कुर्सी और टेबल सहित आगंतुकों द्वारा छूने पर इस क्षेत्र को विषाणु रहित करने के लिए सफाई की जाएगी।उन्होंने बार काउंसिल के सभी सदस्यों, वादियों, अदालत के कर्मचारियों में सर्दी, बुखार, गले में खराश, खांसी, नाक बहने, छींकने या साँस लेने में तकलीफ के लक्षण होने पर उन्हें अदालत परिसर में नहीं आने की सलाह दी है।