मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने खासी पहाड़ी स्वायत्तशासी जिला परिषद ( केएचएडीसी ) द्वारा पारित चार बिलों पर राज्य सरकार के विचारों और टिप्पणियों की मांग की है । चार बिलों में शामिल है केएचएडी (बंगाल पूर्वी फ्रंटियर विनियमन, 1873 से अनुकूलित) विनियमन, 2018, केएचएडी  (परंपरागत चीफों और हेडमेन की अधीनस्थ परिषद का संविधान) नियम, 201 8, संयुक्त खासी-जयंती हिल्स जिला (टाउन कमेटी की स्थापना ) (दूसरा संशोधन) नियम, 2018 और केएचएडी (वंश के खासी सामाजिक कस्टम) ( प्रथम संसोधन  विधेयक 2018 । ज्ञात हो कि मेघालय राज्यपाल के उप सचिव पीएस खारकोंग  ने, मेघालय सरकार के जिलापरिषद मामलों के विभाग के आयुक्त और सचिव मेघालय सरकार को सूचित किया है कि राज्यपाल ने राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र  प्राप्त किया था । 

एसटीआईएचएच, बिलों को आश्वस्त करने का अनुरोध किया गया था । चार बिलों को राज्य सरकार को भेज दिया गया है ताकि इन मामलों की  सरकार द्वारा जांच की जा सके। यहां गुरुवार को केएचएडीसी सीईएम एचएस शिला ने  बताया कि हम इस बात की सराहना करते हैं कि राज्यपाल ने जिला परिषद द्वारा पारित जिलों को गंभीरता से लिया है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार चार बिलों पर अपने विचार और द्विप्पणियां देगी ताकि राज्यपाल अपनी सहमति दे सकें  ।

 शिला ने यह भी कहा कि सँजुक की  रंगबाह कुर ( कबीले के नेताओं का एक समूह) बनाने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि अगर यह महसूस किया जाता है कि यह खासी और जयंतिया दोनों लोगों और स्वदेशी अधिकारों की रक्षा के उपयुक्त है तो दोनों समूहों का एक बहुत मजबूत निकाय होगा।