पूर्वोत्तर के दो राज्यों मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को चुनाव होने हैं जिसकों लेकर  कल यानी मंगलवार को विधानसभा की सीटों के लिए मतदान होंगे। नगालैंड के आंतरिक जिलों के कुछ मतदान केंद्रों को छोड़कर अन्य जगह वोटिंग सुबह 7 से 3 बजे तक होगी। मेघालय और नागालैंड का परिणाम भी त्रिपुरा के साथ 3 मार्च को घोषित किया जाएगा।

दोनों राज्यों में 60 सदस्यीय सदन है, लेकिन दोनों में 59 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान किया जाएगा। मेघालय में 18 फरवरी को पूर्व गारो हिल्स जिले में आईईडी विस्फोट में एनसीपी के उम्मीदवार जोनाथोन एन संगमा की हत्या के मद्देनजर विलयन नगर में चुनाव को रद्द कर दिया गया है। नगालैंड में एनडीपीपी प्रमुख नीफियू रियो को उत्तरी अंगामी द्वितीय विधानसभा सीट से निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा चुका है।भाजपा पूर्वोत्तर में अपने पपैर जमाने में लगी हुई है तो वहीं कांग्रेस के लिए भी मेघालय में चुनाव मात्र चुनाव ना होकर इज्जत बचाने और अपनी साख का सवाल बन गया है क्योंकि पार्टी राज्य में पिछले 10 वर्षों से शासन कर रही है। लेकिन इस बार कांग्रेस को भाजपा पॉवर से बाहर फेंकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने उत्तर-पूर्व में भाजपा की तरफ से कांग्रेस के गढ़ को देख लिया है, जहां भगवा पार्टी परंपरागत रूप से एक मामूली खिलाड़ी रही है।
मेघालय में कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे के खिलाफ हैं। कांग्रेस ने 59 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने 47 उम्मीदवारों को नामांकित किया है।यइस राज्य में लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पी ए संगमा के पुत्र कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और भाजपा अलग अलग चुनाव लड़ रही हैं लेकिन नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) में एनपीपी भाजपा की सहयोगी है।


गौरतलब है कि मेघालय के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने कहा था कि पहली बार राज्य में 67 महिला मतदान केंद्र और 61 मॉडल मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसी के साथ पहली बार इस चुनावी जंग में 32 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं।