मेघालय के 10वें विधानसभा के लिए हुए चुनाव में किसी भी राजनीतिक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। चुनाव परिणाम में कांग्रेस को 21, एनपीपी को 19, भाजपा को 2, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी को 6, हिल स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को 2 और अन्य को 9 सीटें मिली है।

मेघालय में 27 फरवरी को वोट डाले गए थे। यहां कांग्रेस की सरकार है और कमान मुकुल संगमा के पास है। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य मेघालय में भाजपा नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और निर्दलियों के जरिए सत्ता पर काबिज होने की फिराक में है। मेघालय में काफी संख्या में निर्दलीय और छोटी पार्टियों के विधायक जीतकर आते हैं। राज्य में 1976 के बाद किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस गठबंधन के साथ सरकार बनाती रही है। इस बार यहां चुनाव में धर्म बड़ा मुद्दा बन रहा है। 

मेघालय की 30 लाख की आबादी में करीब 75 फीसदी वोट ईसाइयों के हैं। भाजपा और एनपीपी ने गठबंधन तो नहीं किया है, लेकिन तालमेल ऐसा है कि मुख्यमंत्री मुकुल संगमा की सीट पर एनपीपी ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। भाजपा को अब तक गैर ईसाई पार्टी कह कर भी प्रचारित किया जा रहा है। पशुओं के व्यापार को लेकर केंद्र के फरमान की भी यहां आलोचना हुई। भाजपा ने तो ईसाई लोगों को जेरुसलम की पवित्र यात्रा तक का वादा किया है।  कांग्रेस अंदरूनी झगड़ों से त्रस्त है। कई कांग्रेस विधायक एनपीपीए भाजपा और पीडीपी में शामिल हो चुके हैं। बता दें कि 27 फरवरी को हुए मतदान में कुल 67 प्रतिशत वोटिंग हुई है। 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा की 59 सीटों के वोटिंग हुई। यहां 372 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस जहां सभी 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं एनपीपी 52, भाजपा 47, पीपल डेमोक्रेटिक फ्रंट 26, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी 21, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 13, हिल स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 13 और दूसरी पार्टियां चुनावी मैदान में हैं। इस चुनाव में 85 निर्दलीय और 33 महिला प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमां रही हैं। ये चुनाव न केवल कांग्रेस के लिए लिटमस टेस्ट की तरह है बल्कि भाजपा किसी भी सूरत में इस पहाड़ी राज्य में केसरिया झंडा फहराने की कोशिश में है। बता दें कि एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के कारण 27 फरवरी को मेघालय की 59 विधानसभा सीटों पर ही मतदान संपन्न हो गए। पिछले विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस के खाते में 29 सीटें आई थीं। वहीं 13 निर्दलीय यहां से जीते थे। इसके साथ यूडीपी को 8, जीएनसी 1, एनसीपी को 2, एएसपीडीपी को 4, एनपीपी को 2 और एनईएसडीपी को 1 सीट मिली थी। वहीं भाजपा इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी।

क्या कहता है एग्जिट पोल

मेघालय के विधानसभा चुनाव में इस बार कोनार्ड संगमा की अगुवाई वाली एनपीपी (नेशनल पीपल्स पार्टी) सबसे बड़े दल के रूप में उभर के सामने आ रही है। एग्जिट पोल के आंकड़ों में एनपीपी कांग्रेस और बीजेपी को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा सीटें लाती दिख रही है। हालांकि एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में यहां गठबंधन की सरकार बनने के भी आसार हैं।

बता दें कि एनपीपी एनडीए का घटक दल है। वहीं मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व में चल रही सरकार के दल में भी है। कोनार्ड संगमा की अगुवाई वाली एनपीपी (नेशनल पीपल्स पार्टी) को जन की बात-न्यूज एक्स के एग्जिट पोल में 39 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 23 से 27 सीटें दी गई हैं। वहीं बीजेपी को 12 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 8 से 12 सीटें मिलने का अनुमान है। इसके अलावा कांग्रेस को 21 फीसदी वोट के साथ 13 से 17 सीटें दी गई हैं। सीवोटर ने बीजेपी को महज चार से आठ सीटें दी हैं। कांग्रेस को 13 से 19 के बीच सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ एनपीपी को 17 से 23 सीटें दी हैं।

हालांकि एक्सिस माई इंडिया-न्यूज 24 के एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त मिली दिख रही है। एग्जिट पोल में अनुमान है कि बीजेपी 60 सदस्यीय विधानसभा में तकरीबन आधी सीटें (30 तक) जीत सकती है। वहीं कांग्रेस को केवल 20 सीटें मिलने का अनुमान है। पीडीएफ को तीन, एनसीपी को दो और अन्य के खाते में चार सीटें जानें का अनुमान लगाया गया है।