मेघालय के विधानसभा चुनाव में सिर्फ 3 दिन बचे हैं। राज्य की 59 सीटों के लिए 27 फरवरी को मतदान होगा। आज हम बात कर रहे हैं रेसुबेलपारा सीट की जो एसटी के लिए रिजर्व है।


रेसुबेलपारा सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है, इस सीट पर 1972 में हुए पहले चुनाव में सबसे पहले जीत एएचएल पार्टी से सालसेंग मारक ने जीत हासिल की थी और अपने प्रतिद्वंदी पोलीकार्प जेम्स मारक 1053 वोटों से करारी हार दी थी. इस चुनाव में एक तरफ जहां को सालसेंग मारक 1354 वोट मिले थे तो वहीं जेम्स मारक को मात्र 301 वोट ही हासिल हुए थे।


1972 में हुए चुनाव के बाद सालसेंग मारक कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्होंने एक बार फिर से 1978 में एक बार फिर से इस सीट से जीत हासिल की इस बार उनका मुकाबला उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंदी तिमोथी शिरा से था हालांकि इस चुनाव में में मारक ने जीत हासिल की और शिरा को मात्र 904 वोटों से मात दी लेकिन इसके बाद भी मारक रुके नहीं उन्होंने रेसुबेलपारा सीट कांग्रेस के टिकट पर फिर से चुनाव लड़ा और 1983, 1988 और 1993 में भी चुनाव जीता। 


1993 में मारक का मुकाबला एचपीयू के उम्मीदवार नॉबलूने जी. मोमिन से था जिसमें उन्होंने मोमिन को 3507 वोटों से करारी हार दी और यहीं नहीं मारक 1993 में मेघालय के सीएम भी चुने गए, लेकिन यहीं मारक का चुनावी सफर थमा नहीं उन्होंने 1998 में भी कांग्रेस को इस सीट से एक बार फिर से जीत दिलाई, लेकिन इसके बाद 2003 में इस सीट से सालसेंग मारक को हार का सामना करना पड़ा और उनको हराने वाले और कोई बल्कि उनके पुराने प्रतिद्वंदी तिमोथी शिरा से था जो यूडीपी छोड़ एनसीपी में शामिल हुए थे ।

इस चुनाव में मारक को तिमोथी शिरा ने 994 वोटों से हराया और रेसुबेलपारा सीट पर अपना कब्ज़ा जमा लिया इसके बाद 2008 में भी इस सीट पर तिमोथी शिरा ने जीत दर्ज की और सालसेंग मारक को मात्र 292 वोटों से हराया लेकिन फिर एक बार सालसेंग मारक का सियासी सिक्का चमका और उन्होंने साल 2013 में तिमोथी शिरा को 1329 वोटों से हराया और रेसुबेलपारा सीट पर कांग्रेस का परचम लहराया।


इसके साथ ही इस बार का मुकाबला भी काफी दिलचस्प होगा क्योंकि इस बार रेसुबेलपारा सीट पर एक बार फिर से कांग्रेस ने अपने पुराने खिलाडी और विजेता सालसेंग मारक को उतारा है तो वहीं मारक को टक्कर देने के लिए एनपीपी ने तिमोथी शिरा को चुनावी मैदान में उतारा है इसके साथ ही नागालैंड की सियासी जमीं पर दूर दूर तक नजर नहीं आने वाली बीजेपी ने भी इस बार कांग्रेस को टक्कर देने के लिए हेयरसिंग डी. शिरा को मैदान में उतारा है इसके साथ ही एनसीपी ने तवील के. मारक को उतारा है तो वहीं इस सीट पर चार निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं।


बात करें अगर मेघालय के चुनावी मैदान की तो मेघालय विधानसभा का गठन वर्ष 1972 में हुआ था। 60 सदस्यों वाली विधानसभा सीट पर अब तक सदन के सदस्यों को चुनाव के लिए अब तक 9 विधानसभा चुनाव हुए हैं। 23 फरवरी, 2013 को अंतिम चुनाव हुए। 21 सीट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, 13 स्वतंत्र उम्मीदवार, 8 संयुक्त डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों और 10 अन्य पार्टियों के पास आईं।