नागरिकता विधेयक को लेकर देश की दोनों पार्टियों में घमासान चल रही है। इतने दिन से चल रहे नागरिकता विधेयक का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। इसी मामले के बारे में बात करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा सहित मेघालय के कांग्रेस विधायकों ने नई दिल्ली में एआईसीसी नेतृत्व को नागरिकता बिल विरोध से अवगत कराया।

इन्होंने बताया कि विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक को अगर कानून के रूप में लागू किया जाएगा तो पूर्वोत्तर में इसका विपरीत असर पड़ेगा साथ ही घुसपैठियोें का मुख्य द्वरा बन जाएगा। उनका मानना है कि अगर विधेयक कानून बनता है तो बांग्लादेश में रहने वाले हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के पूर्वोत्तर आने एंव बसने के लिए प्रेरित करेगा।जानकारी के लिए बता दें कि मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष सेलेस्टाइन लिंग्दोह और नेता प्रतिपक्ष मुकुल संगमा ने प्रतिनिधि दल का नेतृत्व किया। उन्होंने राहुल गांधी को बताया कि विधेयक कानून बन जाने से पूर्वोत्तर में एक और नया पाकिस्तान का निर्माण होगा और यह क्षेत्र में उग्रवाद और कई समस्याओं को पुनर्जीवित करने का काम करेगा।पार्टी के सूत्रों ने बताया कि कड़ी आपत्तियों के बाद एआईसीसी ने बिल का विरोध करने के लिए अपना रुख दोहराया है। ज्ञात हो कि एआईसीसी ने साथ यह बैठक को अगले लोकसभा  चुनावों की तैयारियों पर चर्चा के लिए बुलाया गया था लेकिन बैठक नागरिकता विधेयक पर बहस में तब्दील हो गई । मेघालय के नेताओं ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया ।