मेघालय कांग्रेस 2018 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का टिकट चाहने वालों से अगले हफ्ते आवेदन फॉर्म भरने के लिए कहेगी। इस तरह की खबरें हैं कि पार्टी के कुछ मौजूदा विधायक अन्य राजनीतिक दलों से री-नोमिनेशन की मांग करेंगे। 31 अगस्त से 15 सितंबर के बीच टिकट चाहने वालों को एप्लिकेशन फॉम्र्स दिए जाएंगे। उन्हें 4 अक्टूबर तक फॉर्म भरकर संबंधित ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को सौंपने होंगे। ब्लॉक कमेटियां एप्लिकेशन फॉम्र्स जिला कांग्रेस कमेटियों को सौंपेगी।

इसके बाद इन आवेदनों को 22 नवंबर तक मेघालय पीसीसी को फॉरवर्ड किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि एआईसीसी की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी जनवरी तक उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है। मेघालय को फरवरी-मार्च में नए विधायक चुनने हैं।

आपको बता दें कि 2013 के विधानसभा चुनाव में 60 सीटों के लिए टिकट चाहने वालों की संख्या 140 थी। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 29 सीटें जीती था। हालांकि इस तरह की खबरें है ंकि पार्टी के कुछ मौजूदा विधायक कांग्रेस उम्मीदवार के नाते स्टेट असेंबली के लिए री-इलेक्शन नहीं चाहेंगे। निलंबित कांग्रेस नेता और खासी हिल्स स्वयात्त जिला परिषद(केएचएडीसी) के प्रमुख पी.एन. सिएम पार्टी छोड़कर नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट(पीडीएफ) का नेतृत्व करेंगे। दो अन्य विधायक एन.धर और उनके छोटे भाई एस.धर, जिन्हें हाल ही में मुकुल संगमा कै बिनेट से निकाल दिया गया था, किसी अन्य दल से चुनाव लडऩे पर विचार कर रहे हैं। एस.धर जो पश्चिम खासी हिल्स की नरतियांग से विधायक हैं, को कैबिनेट से निकाल दिया गया था। जबकि एन. धर जो री-भोई जिले की उमरोई विधानसभा से विधायक हैं, को उमरोई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

इससे पहले जिला कांग्रेस कमेटी ने इसे भंग कर दिया था। एक कांग्रेस नेता ने कहा, पार्टी का टिकट चाहने वालों की ओर से एप्लिकेशन फॉम्र्स लेने के बाद ही चीजें स्पष्ट होगी। हमें तभी पता चलेगा कि कितने मौजूदा विधायकों ने पार्टी टिकट के लिए फिर से अप्लाई किया है। पार्टी सूत्रों के मुतिाबिक जिन राज्यों में पार्टी सत्ता में है,उनमें मेघालय भी शामिल है। मेघालय में कांग्रेस फिर से सत्ता प्राप्त करने के लिए अपनी स्ट्रेंथ को और मजबूत करेगी। राज्य में कांग्रेस को भाजपा व हिल्स स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(एचएसपीडीपी) व यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी(यूडीपी) और नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) जैसे क्षेत्रीय दल चुनौती देंगे।

कांग्रेस और भाजपा को चुनौती देने के लिए एचएसपीडीपी व यूडीपी ने खासी जैंतिया हिल्स में गठबंधन किया है। इस क्षेत्र में 60 में से 36 सीटें हैं । गारो हिल्स रीजन की 24 सीटों के लिए यूडीपी ने गारो नेशनल कांउंसिल (जीएनसी) से गठबंधन किया है। खासी जैंतियां हिल्स की 36 सीटों के लिए एचएसपीडीपी व यूडीपी के बीच सीटों को लेकर जो तालमेल हुआ है उसके मुताबिक एचएसपीडीपी 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि 17 सीटों पर यूडीपी अपने उम्मीदवार उतारेगी। शेष 9 सीटों पर दोनों दलों के फ्रेंडली कंटेस्ट हो सकता है। पिछले हफ्ते एचएसपीडीपी ने 10 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी।