मेघालय  में उग्रवादियों द्वारा अपहरण किए गए लोगों की पत्नियों ने उत्तर प्रदेश तथा केन्द्रीय सरकार से पतियों को छुड़वाने की गुहार लगाई। पीडि़त महिलाओं के साथ हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना प्रदर्शन कर रहे ब्रजभूषण दूबे ने बताया कि 25 मार्च 2014 को इन महिलाओं के पति मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स जनपद में रम्भागिरी स्थान पर पिकअप वैन में बेचने के लिए चावल ले कर जा रहे थे जब गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी के उग्रवादियों ने पांच लोगों का अपहरण कर लिया। 

उसके बाद उग्रवादियों ने फिरौती के लिए 50 लाख रुपए की मांग की, पतियों को छुड़वाने के लिए इन महिलाओं ने किसी तरह 10 लाख रुपए उग्रवादियों को दिए परंतु रिहाई नहीं हो सकी। इसके बाद से परिवार के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मेघालय के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से लगातार गुहार लगाई, लेकिन उनकी सकुशल वापसी अब तक नहीं हो सकी।

महिलाओं का कहना है कि उनके व परिवार के सामने भूखमरी की स्थिति आ गयी है। इसके बावजूद सरकारी स्तर पर कोई सुविधा नहीं दी गयी। यहां तक कि लाल कार्ड, पेंशन आदि की सुविधा भी नहीं मिलती। इस मौके पर मीरा गुप्ता, बेबी गोंड, सरस्वती गोंड, शोभा देवी, रिंकी आदि थीं।