आम चुनाव की घोषणा होते ही एनपीपी की अगुवाई वाली मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस (एमडीए) सरकार के सहयोगी साझा उम्मीदवार पर निर्णय के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। समाचार लिखे जाने तक पूरी रिपोर्ट नहीं आ पाई थी। प्रमुख सहयोगी यूडीपी चाहती है कि कांग्रेस को हराने के लिए एमडीए में एकता जरूरी है। जीत के लिहाज से एक साझा उम्मीदवार उतारना चाहिए। पार्टी का विचार है कि एनपीपी तुरा से लड़े और शिलांग उसके लिए छोड़ दे।


यूडीपी ने अपनी तरफ से जेमिनो मावथोह का नाम साझा उम्मीदवार के रूप में पेश किया है। वहीं एचएसपीडीपी ने भी विधायक रेनिंकटन लिंग्दोह तोंगखर के नाम को विचार के लिए आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने आज बताया कि शिलांग व तुरा संसदीय सीटों के लिए साझा उम्मीदवार तय करने के लिए सभी गठबंधन सहयोगियों के अध्यक्ष शाम को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास विधानसभा और एमडीसी चुनाव की तरह अकेले चुनाव लड़ने का भी विकल्प है।


इससे गठबंधन पर कोई असर नहीं पडेगा। एक बार बैठक कर साझा उम्मीदवार पर चर्चा करना भी जरूरी है। उनके हिसाब से हर संभावना पर विवेचना जरूरी है। पिछले हफ्ते उप मुख्यमंत्री प्रिस्टोन टिनसोंग ने कहा था कि एनपीपी को लोकसभा चुनाव के लिए समान उम्मीदवार का विचार नहीं करना चाहिए। एमडीए में भाजपा भी सहयोगी है किंतु उसे बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया।


आप को बता दे की नागरिकता संशोधन विधेयक पर भाजपा के कड़े रूख और संसद मे पास कराने के कारण एनपीपी ने भाजपा से दुरी बना ली है। एनपीपी ने नागरिकता संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध किया था। एनपीपी ने असम में भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है जिससे भाजपा के लिए झटका के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन देखना महत्वपूर्ण होगा की लोकसभा चुनाव में उंट किस करवट बैठती है।