पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में बच्चों को डॉक्टर का प्रशिक्षण देने के लिए एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं हैं. इस कारण से विभिन्न सरकारी अस्पतालों में खाली पदों को भरने के लिए हर साल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और उत्तर पूर्वी परिषद द्वारा देशभर के मेडिकल कॉलेजों में सीटों के केंद्रीय पूल से कुछ निश्चित सीटें इन राज्यों को आवंटित की जाती हैं.

एनईईटी में प्राप्त अंकों के आधार पर इन राज्यों द्वारा ये सीटें योग्य विद्यार्थियों को आवंटित कर दी जाती हैं.लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने राज्य को सालाना आवंटित होने वाली एमबीबीएस (मेडिकल) सीटों में कटौती कर दी है. राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा चकमा समुदाय के विद्यार्थियों को एमबीबीएस में दाख़िला देने से इंकार करने के कुछ समय बाद ही केंद्र का यह फैसला आया है.

कांग्रेस सरकार द्वारा योग्यता पूरी करने के बावजूद मिज़ोरम के चकमा समुदाय के चार विद्यार्थियों को एमबीबीएस में दाख़िला देने से इनकार करने को लेकर जारी विवाद केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद और जटिल हो गया है. केंद्र सरकार ने बिना कोई कारण बताए राज्य को सत्र 2017-18 के लिए आवंटित होने वाली सीटों में कटौती कर दी है.

स्थानीय मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बीते 21 अगस्त को राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एक अधिसूचना मिली थी. इसमें कहा गया है कि सत्र 2016-17 में आवंटित 25 मेडिकल सीटों की संख्या घटाकर सत्र 2017-18 में 17 करने का फैसला लिया गया है.

विभाग ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय ने अपने इस निर्णय के पीछे कोई कारण नहीं दिया है. केंद्रीय मंत्रालय का फैसला उस समय आया है जब विभाग ने 2017-18 सत्र के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंटरेंस टेस्ट (एनईईटी) के अंकों के आधार पर योग्य विद्यार्थियों को सीट आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इस निर्णय के संबंध में राज्य के दो सांसद सीएल रुआला और आरएस त्लाउ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हो सके. केंद्र के इस निर्णय को लोगों की तीखी प्रतिक्रिया मिली है. बहरहाल मिजोरम के शिक्षा मंत्री आर. रोमाविया भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हुए.

21 अगस्त को दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले संवाददाताओं से बात करते हुए, रोमाविया ने कहा, मेडिकल सीट आवंटन में कटौती अफसोसजनक है क्योंकि मिज़ोरम में पहले ही डॉक्टरों की कमी है, हम केंद्रीय मंत्री से सीट आवंटन में वृद्धि की अपील करने जा रहें हैं.