भारत का मोस्ट वांटेड और अंतरराष्ट्रीय आतंकी पाकिस्तान में ही छिपा बैठा है। इस खुलासे ने एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से निकलने की कोशिश में लगे पाकिस्तान की पोल खोल दी है। फिर यह साबित हो गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद की पनाहगाह है और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में ही छिपा है। एक न्यूज चैनल के दावे के मुताबिक मसूद अजहर पाकिस्तान के बहावलपुर में रहता है, जिसकी सुरक्षा में पाकिस्तान के सुरक्षाबल तैनात रहते हैं।

इस खुलासे के बाद पाकिस्तान के एफएटीएफ से बाहर निकलने की संभावना अब और धूमिल हो गई है। यह रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर कार्रवाई करने बजाय उसका पोषण करता है। उसने अंतरराष्ट्रीय आतंकी मसूद अजहर को अपने यहां छिपा रखा है। पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल होने के कारण करीब 38 अरब डॉलर (27,52,76,18,00,000 रुपए) का नुकसान उठाना पड़ा है।

आतंकवाद को वित्तीय मदद देन वालों पर निगाह रखने वाली इस वैश्विक एजेंसी ने पाकिस्तान को 2008 में ही ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। इस्लामाबाद स्थित तबादलाब नाम के स्वतंत्र थिंक-टैंक ने अपने रिसर्च पेपर में दावा किया है कि पाकिस्तान को वैश्विक राजनीति की कीमत चुकानी पड़ी है। तबादलाब ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 2008 से 2019 तक पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने के कारण 38 अरब डॉलर के जीडीपी का नुकसान हुआ है।

बताया जा रहा है कि मसूद अजहर आज भी पाकिस्तान के बहावलपुर में सुरक्षित बैठा हुआ है। उसका एक ठिकाना बहावलपुर में उस्मान-ओ-अली मस्जिद के पास और दूसरा जामिया मस्जिद, सुभान अल्लाह में है। रिपोर्ट के मुताबिक उसके घर की सुरक्षा में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। साथ ही घर के आसपास बैरिकेडिंग भी है। इस खुलासे के बाद गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने रविवार को कहा कि चैनल के इस खुलासे के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को बल मिलेगा। सरकार इस मामले को वैश्विक मंच पर उठाएगी।