मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने त्रिपुरा में हुई हिंसा के विरोध में शहर में प्रदर्शन किया और प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विधानसभा में लाल झंडे को लेकर दिये गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उसे सार्वजनिक तौर पर वापस लेने की मांग की।

दरअसल विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा था कि प्रदेश में लाल झंडे वाले कर्मचारी वर्ग को गुमराह करते हैं और सरकार से समझौता नहीं होने देते, जिससे प्रदेश की शांति भंग होती है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव इन्द्रजीत सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में कार्यकर्ता मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद हाथों में झंडे लेकर शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जिला कमेटी ने शहर में प्रदर्शन कर त्रिपुरा में भाजपा संघ द्वारा हिंसा के विरोध में तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को मामले में हस्तक्षेप करने के लिए ज्ञापन भेजा। माकपा ने त्रिपुरा में अगरतला में स्थित महान समाजवादी नेता लेनिन की स्टेच्यू को भाजपा व संघ द्वारा उखाड़ने व तोड़ने की कार्रवाई की घोर निंदा की है तथा इसे कायराना हरकत बताया है। माकपा कार्यकर्ताओं ने प्रात: नेहरू पार्क में एक सभा का आयोजन किया। सभा की अध्यक्षता माकपा राज्य कमेटी सदस्य मास्टर शेर सिंह ने की। प्रदर्शन में माकपा जिला कमेटी सदस्य का. चंद्रभान, संतोष देशवाल, रणधीर कुंगड़, माकपा नेता बिमला घनघस सहित अनेक नेता शामिल थे।