गुरूग्राम। यात्री वाहन बनाने वाली देश की सबस बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) हरियाणा में सोनीपत जिले के आईएमटी खरखोदा में 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश से देश का सबसे बड़ा 10 लाख वाहन वार्षिक निर्माण क्षमता का सबसे बड़ा संयंत्र लगायेगी, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होने वाले पहले चरण में संयंत्र की वार्षिक निर्माण क्षमता 2.5 लाख वाहन होगी जिसमें वर्ष 2025 में उत्पादन शुरू होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री दुष्यंत चौटाला, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष आर. सी. भार्गव और कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष केनिची आयुकावा की मौजूदगी में इस संयंत्र के लिए कंपनी को हरियाणा औद्योगिक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निगम लिमिटेड की ओर से 800 एकड़ भूमि आवंटन का दस्तावेज प्रदान किया गया। 

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इसके साथ ही कंपनी ने इस भूमि आवंटन के लिए सरकार को 2131 करोड़ रुपये का चेक भी प्रदान किया। हालांकि यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की गयी थी। इसी के साथ ही जापान की सुजुकी कार्पोरेशन की दोपहिया वाहन बनाने वाली भारतीय इकाई सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भी 100 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है और इसके लिए हरियाणा सरकार को 266 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गयी है। इस तरह से सुजुकी कार्पोरेशन ने हरियाणा सरकार को इस 900 एकड़ भूमि आवंटन के लिए 2400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी है। इन दोनों संयंत्र के पूरी तरह से तैयार होने तक करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और कुल मिलाकर 13 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, जिसमें 70 प्रतिशत लोग हरियाणा के होंगे। 

मनोहर लाल ने इस मौके पर कहा कि मारुति सुजुकी के हरियाणा के बाहर जाने की अटकलों पर विराम लग गया है। कंपनी के वर्ष 1982 में गुरूग्राम में शुरू हुये पहले विनिर्माण संयंत्र का हवाला देते हुये उन्होंने कहा कि यह 40 वर्ष पुराना रिश्ता है। कंपनी के दो संयंत्र पहले से हरियाणा में है और तीसरा संयंत्र भी हरियाणा में ही लग रहा है और आगे भी कंपनी प्रदेश में निवेश करती रहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण संयंत्र लगा रही है। 

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उन्होंने कहा कि जब यह कंपनी गुरूग्राम में 40 वर्ष पहले आयी थी तब यह एक छोटा सा कस्बा था और आज इसी कंपनी की वजह से यह वैश्विक मानचित्र पर है और दुनिया की प्रमुख बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां यहां आ चुकी हैं। प्रदेश के आर्थिक के साथ ही समग्र विकास में मारुति सुजुकी की महत्ती हिस्सेदारी है और यह बनी रहेगी। जिस तरह से गुरूग्राम को वैश्विक मानचित्र पर स्थान मिला है उम्मीद है खरखोदा को भी वही स्थान मिलेगा जो दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से मात्र 65 किलोमीटर की दूरी पर है। मनोहर लाल ने मारुति सुजुकी के कार्पोरेट कार्यालय को दिल्ली से गुरूग्राम स्थानांतरित करने की अपील करते हुये कहा कि अक्सर लोग पूछते हैं कि जब कंपनी का सब कुछ गुरूग्राम में है तो कार्पोरेट कार्यालय दिल्ली में क्यों है। मुख्यमंत्री के इस आग्रह पर कंपनी के अध्यक्ष भार्गव ने कहा कि इस संबंध में विचार किया जायेगा लेकिन यह काम बहुत जल्द होने वाला भी नहीं है इसमें समय लगता है।