कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आर्थिक तंगी के कारण एक व्यक्ति की आत्महत्या का जिक्र कर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की पहली सालगिरह पर तंज कसते हुये कहा कि एक साल के जश्न वाले पत्र की तरह यह सुसाइड नोट शायद हर एक तक न पहुंचे मगर सच है कि हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग आज इसी तरह के कष्ट में है।


वाड्रा ने शनिवार को ट्वीट किया, 'एक दुखद घटना में यूपी के भानु गुप्ता ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। काम बंद हो चुका था। इस शख्स को अपना और माता जी का इलाज कराना था। सरकार से केवल राशन मिला था लेकिन इनका पत्र कहता है और भी चीजें तो खरीदनी पड़ती हैं। और भी जरूरतें होती हैं।' युवक के सुसाइड नोट की प्रति ट्वीट में संलग्न करते हुये उन्होने लिखा, '..ये पत्र शायद आज एक साल के जश्न वाले पत्र की तरह 'गाजे बाजे के साथ' आपके पास न पहुंचे। लेकिन इसको पढि़ए जरूर। हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग आज इसी तरह कष्ट में हैं।'


गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी जिले के मैगलगंज रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली थी। शव की पहचान मैगलगंज कस्बा निवासी भानू प्रताप गुप्ता के तौर पर की गई। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी गरीबी और बेरोजगारी का जिक्र करते हुये लिखा था, 'राशन की दुकान से गेहूं-चावल तो मिल जाता है, लेकिन ये सब नाकाफी है। चीनी, चायपत्ती, दाल, सब्जी, मसाले जैसी रोजमर्रा की चीजें अब परचून वाला भी उधार नहीं देता। मैं और मेरी विधवा मां लम्बे समय से बीमार हैं। गरीबी के चलते तड़प-तड़प के जी रहे हैं। शासन-प्रशासन से भी कोई सहयोग नहीं मिला। गरीबी का आलम ये है कि मेरे मरने के बाद मेरे अंतिम संस्कार भर का भी पैसा मेरे परिवार के पास नहीं है।'


जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि मृतक शाहजहांपुर के होटल में काम करता था। उसका शव मैगलगंज में रेलवे लाइन के किनारे मिली है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उनको अंत्योदय कार्ड के द्वारा राशन मिल रहा था। इस महीने भी राशन दिया गया है। मौत के सभी कारणों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।