आज से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र (winter session of parliament) में राजनीतिक तापमान हाई रहने वाला है। सत्र के पहले ही दिन दो नये सदस्यों के शपथ ग्रहण और आठ दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा में कृषि कानूनों की वापसी के लिए बिल पेश किया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) आज लोकसभा में तीन मौजूदा कानूनों की वापसी का प्रस्ताव पेश करेंगे। सदन शुरू होने से पहले करीब 9.30 बजे के करीब कांग्रेस की विपक्षी दलों की बुलाई गई बैठक होगी। हालांकि टीएमसी ने इस मीटिंग में शामिल होने से परहेज किया है।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress leader Mallikarjun Kharge) ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने सरकार से किसानों के उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी को लेकर तत्काल कानून बनाने के संबंध में कदम उठाने की मांग की। सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में करीब 30 दलों ने हिस्सा लिया । इसमें विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी विवाद, महंगाई, कृषि कानूनों, बेरोजगारी, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ तनाव सहित कुछ अन्य मुद्दों को उठाया और चर्चा कराने की मांग की । विपक्षी दलों ने सरकार को रचनात्मक मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग देने का आश्चासन दिया ।

लोकसभा (Parliament) मे आज जब सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने के लिए कोशिश कर रही होगी तो सरकार के लिए सदन में राहें आसान नहीं होगी। कृषि कानूनों की वापसी को लेकर प्रधानमंत्री (prime minister) की घोषणा के बाद से ही विपक्षी दलों ने भी संसद में सरकार को घेरने के लिए स्क्रिप्ट तैयार कर रखी है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने अपने सभी सांसदों को 29 नवंबर को लोकसभा मे हाजिर होने और पार्टी के स्टैंड के पक्ष में रहने के लिए व्हिप जारी किया है।

आज से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार करीब 30 विधेयक पेश करने जा रही है जिनमें बिजली, पेंशन, वित्तीय सुधार से संबंधित कम से कम आधा दर्जन से अधिक विधेयक शामिल हैं। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, आर्थिक एवं अन्य सुधार संबंधी विधेयकों में बिजली संशोधन विधेयक 2021, बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021, पेंशन सुधार संबंधी पीएफआरडीए संशोधन विधेयक, दिवाला एवं शोधन अक्षमता दूसरा संशोधन विधेयक 2021, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2021, मध्यस्थता विधेयक 2021, चार्टर्ड एकाउंटेंट, कास्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरीज संशोधन विधेयक 2021 आदि शामिल हैं।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, ‘‘ कुछ लंबित विधेयकों सहित संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान करीब 30 विधेयक पेश किए जाएंगे जिनमें आर्थिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि सरकार का विपक्ष से आग्रह है कि आर्थिक सुधार एवं कुछ प्रमुख विषयों पर नियमन से जुड़े इन अहम विधेयकों पर चर्चा करे और इन्हें पारित कराने में सहयोग करे। मेघवाल ने कहा, ‘‘ सरकार विपक्ष के मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा कराने को तैयार है। हम विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा करते हैं।’’

शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की घोषणा थी और इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन तीनों कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी थी।

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान निचले सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची में क्रिप्टोकरंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 सूचीबद्ध है। इस विधेयक में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के सृजन के लिए एक सहायक ढांचा सृजित करने की बात कही गई है। इस प्रस्तावित विधेयक में भारत में सभी तरह की निजी क्रिप्टोकरंसी को प्रतिबंधित करने की बात कही गई है। हालांकि, इसमें कुछ अपवाद भी हैं, ताकि क्रिप्टोकरंसी से संबंधित प्रौद्योगिकी एवं इसके उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके।

सुधारों से संबंधित एक महत्वपूर्ण विधेयक बिजली संशोधन विधेयक 2021 है जो बिजली वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने वाला और ग्राहकों को बिजली वितरण कंपनी चुनने की आजादी देने से संबंधित है। आर्थिक सुधार से संबंधित एक महत्वपूर्ण विधेयक बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021 है। इसके जरिये बैंकिंग कंपनी अधिनियम, बैंकिंग विनियमन कानून में और संशोधन किया जाएगा।

वहीं, पेंशन सुधार संबंधी पीएफआरडीए संशोधन विधेयक आर्थिक सुधारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक है जिसके माध्यम से देश के पेंशन क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है। दिवाला एवं शोधन अक्षमता दूसरा संशोधन विधेयक 2021 में मौजूदा दिवालिया कानून को ज्यादा सशक्त बनाने की बात कही गई है।