निर्माताओं (Manufacturers) को अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के लिए अतिरिक्त घोषणाएं करनी होंगी क्योंकि सरकार अगले अप्रैल से नए पैकेजिंग मानदंड लागू करेगी। इन परिवर्तनों के बाद, निर्माताओं को प्रति यूनिट वस्तु की कीमत का उल्लेख करते हुए MRP के लिए अतिरिक्त घोषणाएं करनी होंगी - एक किलोग्राम या लीटर से अधिक वजन वाली वस्तुओं के लिए प्रति किलोग्राम या लीटर; और एक किलो या एक लीटर से कम की वस्तुओं के लिए प्रति ग्राम या मिली लीटर।

इस बीच, उन वस्तुओं के लिए भी समान मानदंड होंगे जिन्हें मीटर और सेंटीमीटर में मापा जा सकता है। संशोधित लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियमों के अनुसार दूध, चाय, बिस्कुट, खाद्य तेल, आटा, शीतल पेय और पीने का पानी, शिशु आहार, दालें और अनाज, सीमेंट बैग, ब्रेड और डिटर्जेंट।


इनके अलावा, एक और बदलाव मौजूदा व्यवस्था के बजाय या तो महीने या आयात की तारीख या प्री-पैकिंग के बजाय आयातित पैकेज्ड वस्तुओं पर ''निर्माण का महीना और वर्ष'' की अनिवार्य घोषणा है। कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री (affair ministry) ने नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी है