सरकार ने आज कहा कि वह देश में कोविड के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron cases) के संक्रमण की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और इससे निपटने की सभी तैयारी की जा रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने देश में ओमिक्रोन वैरियंट के मामलों से उत्पन्न स्थिति पर राज्यसभा में हंगामे के बीच हुई चर्चा का शोर शराबे में ही जवाब देते हुए कहा कि देश में ओमिक्रॉन के 161 (Omicron cases in india) मामले सामने आये हैं। ये मामले महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश , राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मिले हैं और केन्द्र तथा राज्य सरकारें स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। 

विपक्षी सदस्य लखीमपुर खीरी प्रकरण (Lakhimpur Kheri violence) में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को हटाने तथा विपक्ष के 12 सदस्यों का निलंबन वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन (Omicron) से होने वाला संक्रमण इतना गंभीर नहीं है और इसे फैलने से रोकने के लिए मानक प्रक्रिया पर सख्ती से अमल किया जा रहा है और इसके तहत सभी तरह के बचाव तथा एहतियाती उपाय किये जा रहे हैं। इस बारे में विशेषज्ञों की टीम के साथ निरंतर चर्चा कर इसके प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सभी राज्यों को समय समय पर परामर्श जारी किये जा रहे हैं । इसके अलावा दवा तथा अन्य जरूरी चीजों के बफर स्टाक की भी व्यवस्था की गयी है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अपील की कि वे लोगों को सही जानकारी देकर उन्हें जागरूक बनायें तथा स्थिति से निपटने में सहयोग करें। मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने कहा कि कोरोना की जांच को बढाने के साथ साथ ओमिक्रॉन  वैरियंट से प्रभावित मामलों में जिनोम अनुक्रमण की मदद ली जा रही है। इसके लिए 38 प्रयोगशालाओं में जांच की जा रही है और इनमें हर रोज 30 हजार से अधिक जिनोम अनुक्रमण किये जाने की क्षमता है । उन्होंने कहा कि इस क्षमता को भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड पैकेज -2 के तहत सभी राज्य सरकारों को जरूरी राशि दी गयी है जिससे स्वास्थ्य ढांचा बढ़ाने तथा जरूरी चीजों का स्टॉक बनाये रखने में मदद मिलेगी। मांडविया ने कहा कि देश ने कोरोना से अब तक की लड़ाई मिलकर लड़ी है और आगे भी सभी को मिलकर इस महामारी से लड़ना है। 

उन्होंने जवाब के दौरान सदन में हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा कि कोरोना महामारी जैसी चुनौती राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए और सभी को मिलकर इससे निपटने के सुझाव देने चाहिए। यदि सभी मिलकर चर्चा करेंगे तो अच्छे सुझाव निकल कर आयेंगे जिन्हें ओमिक्रोन से निपटने की कार्य योजना तैयार करते समय उसमें शामिल किया जा सकता है। देश में टीकाकरण में लायी जा रही तेजी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने इस मामले में विकसित देशों को टक्कर दी है और एक दिन में ढाई करोड़ टीके लगाकर तथा अब तक देश भर में 137 करोड़ टीके (covid vaccine) लगाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। अब तक देश में 88 फीसदी आबादी को कोरोना टीके की पहली तथा 58 फीसदी को दूसरी डोज दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि ये राष्ट्र गौरव के विषय हैं और इन पर राजनीति तथा आरोप प्रत्यारोप के बजाय सब को गर्व करना चाहिए।