दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मोदी सरकार द्वारा कोरोना प्रबंधन को लेकर की जा रही लापरवाही की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार देश में महामारी के प्रबंधन के बजाय विदेशों में अपनी इमेज चमकाने के साथ साथ ओछी राजनीति कर रही है। सिसोदिया ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा कोरोना प्रबंधन को लेकर की जा रही लापरवाही की जबर्दस्त भर्तस्ना की। साथ ही केंद्र पर देश में महामारी के प्रबंधन के बजाय विदेशों में अपनी इमेज चमकाने में लगे रहने और घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया। 

उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कोरोना वायरस की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए केंद्र सरकार से अलर्ट रहने की अपील की तो केंद्र में बैठी भाजपा ने अलर्ट होने और सावधानी बरतने के बजाय घटिया राजनीति करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने दो चीजों की बात की- सिंगापुर के स्ट्रेन की और बच्चों की लेकिन केंद्र में बैठी भाजपा ने इसपर जो प्रतिक्रिया दी है, वह साफ दिखाता है की सरकार को भारत के बच्चों की चिंता नहीं है बल्कि सिंगापुर में अपनी इमेज बनाने की चिंता है, लेकिन केजरीवाल को देश के बच्चों की चिंता है। 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लंदन में कोरोना का नया स्ट्रेन आया था, उस दौरान भी केंद्र सरकार को डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने आगाह किया था कि जरूरी सावधानी बरती जाए लेकिन भारत सरकार ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया और आज सारा भारत इसका खामियाजा उठा रहा है। इस दौरान भारत में हजारों लोगों की मौत हुई लेकिन केंद्र सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी रही। देश की हालत खराब होती रही लेकिन सरकार अलर्ट नहीं हुई और कोई कदम नहीं उठाया। सिसोदिया ने कहा कि आज पूरी दुनिया में जब दोबारा तीसरे लहर आने की आशंका है। पूरी दुनिया के डॉक्टर इस बात को लेकर आगाह कर रहे हैं, भारत में सुप्रीम कोर्ट भी लगातार आगाह कर रही है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है, लेकिन फिर भी केंद्र सरकार की आँखों में बंधी पट्टी नहीं खुल रही है। केंद्र सरकार अब भी सिंगापुर को मुद्दा बनाकर अपनी इमेज बनाने में लगी है उन्हें भारत के बच्चों की कोई परवाह नहीं है। 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा विदेश मंत्रालय जितनी तेजी से केजरीवाल के बयान पर प्रतिक्रिया देने के लिए सक्रिय हुआ उतना अगर दुनिया के देशों से वैक्सीन लाने में सक्रिय हुआ होता तो आज देश में बड़ों के साथ साथ बच्चों के लिए भी वैक्सीन उपलब्ध होती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारत के बच्चों की जान जोखिम में डाल अपनी राजनीति करने में और विदेशों में इमेज बनाने में लगी है। दिल्ली सरकार को अपने बच्चों की परवाह है, हम दिल्ली के बच्चों को बचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के सभी अभिभावकों को उनके बच्चों की चिंता है न कि सिंगापुर की। केंद्र सरकार अपनी इमेज बनाने के लिए तत्परता दिखा रही है, उन्हें भारत के बच्चों की चिंता नहीं है। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से कहा, केंद्र सरकार ने विदेश में अपनी इमेज चमकाने के लिए, एक पोस्टर लगवाने के लिए हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेशों को बांट दिया, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे। हमें अपने बच्चों की चिंता है और उन्हें बचाने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे।