हाईकोर्ट ने मणिपुरी छात्र की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने अपनी गिरफ्तारी व ट्रांजिट रिमांड दिये जाने को चुनौती दी थी। बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ फेसबुक पर पोस्ट लिखने के लिये मणिपुर पुलिस ने उस पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। मणिपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर 19 फरवरी तक ट्रांजिट रिमांड ली थी।


ज्ञात हो कि न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ वीवोन थोकचोम की याचिका सोमवार को खारिज कर दी है। थोकचोम ने अपने भाई के जरिये याचिका दायर कर निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। इस याचिका में कहा गया था कि यह फैसला बिना सोचे समझे दिया गया है।


दूसरी ओर मणिपुर पुलिस के वकील ने कहा कि पीठ के समक्ष याची के वकील ने गलत तथ्य पेश किये हैं। याची को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और उसे 19 फरवरी को मणिपुर की कोर्ट के समक्ष पेश किया जायेगा। वहीं याचिका पर सुनवाई करते हुये न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने तकनीकी कारणों से अन्य पीठ के समक्ष सुनवाई के लिये भेज दिया था।


याची ने दिल्ली पुलिस व मणिपुर पुलिस को याचिका में पक्षकार बनाते हुये अपनी गिरफ्तारी व रिमांड को अवैध बताया था। याची का कहना था कि उसके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता और अगर इस मामले में वह दोषी साबित हुआ तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।