भाजपा शासित राज्य मणिपुर में वहां की जनजातियों के संगठन ने अलग से शासन चलाने की मांग उठाई है। राज्य में स्थित जूमी काउंसिल और उसें जुड़ी 9 जनजातियों के संगठन, जूमी फ्रंटल संगठन ने मणिपुर के छूराछंदपुर में मांग की है उनको पृथक टेरीटोरियल काउंसिल दी जाए। इसको लेकर इन संगठनों ने कहा कि केंद्र सरकार इसके लिए जल्द से जल्द यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट और कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन से बात करे।

इन संगठनों के लोगों ने “We want peaceful solution” और “We demand Zoland” जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर लोगों ने तंगुअम पब्लिक ग्राउंड में रैली निकालते हुए मीटिंग की है। इसको लेकर लोगों ने काफी रैलियां भी निकाली है। यह क्षेत्र राज्य की राजधानी इंफाल से 65 किलोमीटर दूर पड़ता है। 

इसके बाद जूमी काउंसिल ने एक पत्र भी डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजा है। काउंसिल के चेयरमैन जॉन के नगाइथे तथा प्रवक्ता आर संगा ने कहा यह रैली निकालने का मकसद हमारी कम्यूनिटी के ऐतिहासिक भूतकाल को प्रकाश में लाना है। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें अलग से काउंसिल दी जाए।

काउंसिल के नेताओं ने कहा कि मणिपुर में जू क्षेत्र के लोग कुकी और चिन लोगों की तरह ही अलग है। जूमी लोग नगा तथा मणिपुरी लोगों से अलग हैं। आर संगा ने कहा कि उनको प्रशासन की तरफ से ज्यादा फंड भी नहीं दिया जा रहा जिस वजह से उनकी संस्कृति का बचाव नहीं किया जा रहा।

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