एक ओर केंद्र सरकार राज्य सभा में मंगलवार को नागरिकता विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है, तो दूसरी ओर मणिपुर में इसके विरोध में हिंसा और अधिक उग्र हो गयी है। राजधानी इंफाल में सोमवार की मध्यरात्रि में हिंसक आंदोलन की आशंका को देखते हुए कई इलाकों में कफ्र्यू और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई तथा इंटरनेट सेवा भी स्थगित कर दी गयी।


सूत्रों ने बताया कि राज्य के अधिकांश छात्र विधेयक के विरोध में राज्यपाल और मुख्यमंत्री को अपनी हिंदी की पाठ्य पुस्तकें सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। विधेयक का विरोध करने वाले लोगों का शीर्ष संगठन मैनपैक ने नागरिकता विधेयक के खिलाफ 12 फरवरी को 'पूर्वाेत्तर कयामत दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है।


प्रदर्शनकारियों ने शहर के विभिन्न इलाकों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी नारे लगाए तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का पुतला फूंका। इस बीच स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू करते हुए लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी भी जारी की है।


गौरतलब है कि राजनाथ सिंह राज्य सभा में नागरिकता विधेयक पेश करने वाले हैं जिसका मणिपुर समेत पूर्वाेत्तर के विभिन्न राज्यों में विरोध किया जा रहा है। स्थानीय लोग इसे अपने जीवन पर संकट के तौर पर देखते हैं जिसके कारण वे लोग इसका विरोध कर रहे हैं तथा हिंसा पर भी उतारू हैं।