मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति (प्रभारी) प्रोफेसर डब्ल्यू विश्वनाथ ने केंद्र को एक पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में चल रहे गतिरोध के बारे में बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रही इकाइयों के बारे में बताया है कि इन इकाइयों ने तथ्यान्वेषण समिति के साथ सहयोग करने से मना कर दिया है। समिति विश्वविद्यालय के कुलपति ए पी पांडे पर लगे वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता के आरोपों की जांच कर रही है।

विश्वनाथ ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को बुधवार (08 अगस्त) लिखे गए एक पत्र में बताया है कि प्रदर्शन कर रही इकाइयां पांडे के खिलाफ जांच आयोग अधिनियम, 1952 के तहत स्वतंत्र उच्च स्तरीय समिति का गठन करके जांच की मांग कर रही है। पांडे फिलहाल एक महीने की छुट्टी पर हैं।

उन्होंने पत्र में कहा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति बनने के बाद भी वह अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वाह करने में असमर्थ रहे हैं। यह पत्र मीडिया में भी जारी किया गया है।

ये है पूरा मामला

मणिपुर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के कारण विश्वविद्यालय वीसी को हटाने की मांग कर रहा है। इस कारण छात्र हड़ताल पर हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कुलपति आद्या प्रसाद पांडे के खिलाफ आरोपों का आंकलन करने के लिए तीन सदस्यीय तथ्यों की खोज समिति का पुनर्गठन किया था।