मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति आद्या प्रसाद पांडे ने संस्थान में उनके खिलाफ प्रदर्शन करने वाले दो संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मालूम हो कि बीते 30 मई से 24 अगस्त तक कुलपति पर विभिन्न आरोप लगाते  मणिपुर यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (एमयूएसयू), मणिपुर विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (एमयूटीए) और मणिपुर विश्वविद्यालय स्टाफ एसोसिएशन (एमयूएसए) ने आंदोलन किया था।

इस बीच वे भूख हड़ताल पर बैठे, राज्य भर में बंद भी किया गया, साथ ही विश्वविद्यालय के सभी डीन और 28 विभागों के प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और राज्य सरकार के दखल के बाद कुलपति को अवकाश पर भेज दिया था। संबंधित पक्षों के बीच बीते 16 अगस्त को ही समझौता हुआ, जिसके बाद 17 अगस्त से आंदोलन को स्थगित करने पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में हड़ताल पर रोक रद्द कर दी गयी।

इस सहमति पत्र में कहा गया था कि जब तक कुलपति के खिलाफ इन्क्वायरी पूरी नहीं होती, वे अवकाश पर रहेंगे, लेकिन उन्होंने बयान में कहा कि उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है और उनके खिलाफ प्रदर्शन करने वाले संगठनों को बैन कर दिया है। पांडे ने कहा, मणिपुर विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (एमयूटीए) और मणिपुर विश्वविद्यालय स्टाफ एसोसिएशन (एमयूएसए) को तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है क्योंकि मणिपुर विश्वविद्यालय कानून 2005 के तहत कर्मचारियों के संगठन का प्रावधान नहीं है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय, मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला और मुख्य सचिव जे सुरेश बाबू को घटनाक्रम के बारे में अवगत कराया गया है। मालूम हो कि इन संगठनों ने कुलपति पर वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उनकी मांगें मानने के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में 24 अगस्त को शैक्षिक गतिविधियां बहाल हुई थी। इससे एक दिन पहले एमयूटीए और एमयूएसए के साथ मणिपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ ने 85 दिनों तक चला प्रदर्शन खत्म कर दिया था।

अब कुलपति ने कहा है कि दोनों संगठनों की गतिविधियों में संलिप्त रहने वाले विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि ये दोनों ही संगठन यूनिवर्सिटी में अशांति फैलाने वाली गतिविधियों में शामिल थे। 1 सितंबर को जारी इस आदेश के अनुसार ये संगठन कैंपस में प्रतिबंधित हैं और अगर कोई भी इनकी गतिविधियों से जुड़ा पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।