मणिपुर में पैदा होने वाले विशेष काले चावल की अपनी अलग ही पहचान है। यह चावल अन्य चावल की तुलना में काफी खास है क्योंकि यह गुणवत्ता और स्वाद के मामले में अन्य चावलों से दो कदम आगे है। लेकिन अभी भी इस विशेष चावल को पूरी दुनिया में वो खास पहचान नहीं मिल पाई है जिसके ये काबिल है।

मणिपुर के चावलों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

ऐसे में मणिपुर की स्थानीय इंडस्ट्री ने इसे जोर शोर से प्रमोट करने के बारे में सोचा है और इसे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ले आने के बारे में योजना बनाई है। हाई विजन कंसल्टेंट नाम की हरियाणा में एक कंपनी है जो इसके व्यापार और प्रमोट करने का काम करती है। यही कंपनी ही चाक हाओ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम् भूमिका निभाएगी।



काले चावलों को व्यापार ई-कामर्स से जोड़ा जाएगा
काले चावल को लेकर किए गए एक प्रोगाम में प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर मोहेन्द्रो सिंह खेदम ने कहा कि संस्था का पहला काम होगा कि वो उत्पादन करने वाले और खरीदने वाले के बीच एक महत्वपूर्ण पुल की भूमिका निभाए। ताकि इसके पहुंचने में ज्यादा परेशानी न हो। हाई विजन कंसल्टेंट के फाउंडर संजय कुमार स्वामी ने कहा है कि काले चावल चाक हाओ का व्यापार ई-कामर्स के जरिए भी जोड़ा जाएगा। इससे इसके ब्रिक्री में तेजी से बढ़ोतरी होगी।


एक हजार मेट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि काले चावल चाक हाओ को प्रमोट करने को और भी फायदे हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के किसानों को काफी मदद और प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही राज्य में रोजगार की भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2018-19 में काले चावल ‘चाक हाओ’ को एक हजार मेट्रिक टन तक उपार्जित करने का है।