मणिपुर में सोमवार को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना लॉन्च हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह और केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह मौजूद थे। गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों की मदद के लिए ये स्कीम लॉन्च की गई है।

मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद महिलाओं की मदद करना है। स्कीम के तहत मणिपुर में 2.43 लाख नए गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इस स्कीम से न केवल बीपीएल परिवारों के स्वास्थ्य में सुधार होगा बल्कि इससे पहाड़ी इलाकों की वनोन्मूलन की समस्या भी कम होगी।

केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार समाज के कमजोर तबके के सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना इसका प्रमाण है। सिंह ने बताया कि उन माताओं को घातक बीमारियों से मुक्त कराना है जो चूल्हे पर खाना बनाने के कारण होती है। उप मुख्यमंत्री वाई. जॉयकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना प्रधानमंत्री की ओर से लॉन्च की गई सबसे महत्वाकांक्षी वेलफेयर स्कीम है। वनोन्मूलन की समस्या से निपटने के लिए मणिपुर के पहाड़ी जिलों में बड़ी संख्या में कनेक्शन दिए जाएंगे।

मंत्री करम श्याम ने कहा कि राज्य में इस स्कीम के तहत बीपीएल परिवारों से संबंधित 1 लाख 50 हजार महिलाओं को लाभ मिलेगा। असम के बाद मणिपुर दूसरा राज्य है जहां यह स्कीम लॉन्च की गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि आईओसीएल और एलपीजी एजेंसियों के जरिए इस स्कीम को सही तरीके से लागू किया जाए। इसमें राजनीतिक दखलअंदाजी नहीं होगी। बाद में उच्चाधिकारियों ने एक कार्यक्रम में 20 चयनित महिलाओं को फ्री एलपीजी कनेक्शन दिए। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना केन्द्र प्रायोजित वेलफेयर प्रोग्राम है।

स्कीम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 मई 2016 को यूपी के बलिया में लॉन्च की थी। उस वक्त प्रतीक के तौर पर 20 महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए थे। सरकार का लक्ष्य है 2019 तक 5 करोड़ बीपीएल परिवारों को नए गैस कनेक्शन देना। इस स्कीम के तहत लाभ प्राप्त करने वाली महिला को 1600 रुपए की मदद दी जाती है। साथ ही 14.2 किलो के गैस सिलेण्डर की सिक्योरिटी डिपोजिट, घरेलू प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा होज, घरेलू गैस कंज्यूमर कार्ड और इंस्टालेशन चार्जेज शामिल है। स्कीम के लॉन्च होने के 1 साल के भीतर करीब 2.2 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन दे दिए गए थे।