भाजपा ने मणिपुर में पहली सरकार बना ली है। एन.बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पहुंचना था लेकिन फ्लाइट में तकनीकी खामी की वजह से उन्हें बीच रास्ते से दिल्ली लौटना पड़ा।

60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा में बहुमत के लिए 31 विधायकों की जरूरत थी। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 28 और भाजपा को 21 सीटें मिली थी। दूसरे नंबर पर रहने के बावजूद भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया। मणिपुर में पहली बार भाजपा ने सभी 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। नागा पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ) और नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी)के 4-4 विधायकों ने भाजपा को समर्थन दिया। तृणमूल कांग्रेस और लोजपा के 1-1 विधायक और एक निर्दलीय विधायक ने भी भाजपा को समर्थन दिया। इस तरह भाजपा के पास 32 विधायक हो गए। गर्वनर नजमा हेपतुल्ला ने भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था। भाजपा विधायकों ने सोमवार को एन.बिरेन सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना था। बाद में सिंह ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस नेता इबोबी सिंह का कहना था कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए था। इबोबी सिंह पिछले 15 साल से सूबे के मुख्यमंत्री हैं। वह 2002 से ही मुख्यमंत्री हैं। बीरेन सिंह ने बीते साल अक्टूबर में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। उन्होंने हीनगैंग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता है। बीरेन सिंह ने तृणमूल कांग्रेस के पांगीजम शरतचंद्र सिंह को हराया। फुटबाल खिलाड़ी से पत्रकार और फिर राजनेता बने बिरेन सिंह एक समय निवर्तमान मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खास सहयोगी थे।