शेयर बाजार से तो आप रूबरू होगें ही लोग यहां बेहर रिर्टन और कम समय में अच्छे मुनाफे  के लिए निवेश करते हैं। लेकिन शेयर बाजार हमेशा ही मार्किट रिस्क से घिरा रहता हैं लेकिन इसके बावजूद छोटे शहरों जैसे मणिपुर औैर मिजोरम के निवेशकों का भरोसा शेयर मार्केट पर बढ़ रहा है।

पिछले साल करीब 1 करोड़ नए निवेशको ने शेयर बाजार से जुड़े हैं जिसके चलते एक साल में रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 8 फिसदी बढ़ी है। छोटे राज्यों के लोगो का रूझान बाजार की तरफ बढ़ा है। बाजार में निवेशकों का रूझान बढऩे से लोगो में निवेश के प्रति जागरूकता बढऩे बढ़ती तकनीक से निवेश का रास्ता आसान होने और ब्रोकर्स, जनीन और सोने से अच्छा रिटर्न नही मिलना और डीमैट खाते के जारिए ट्रेडिंग आसान होना है। 

बीएम फाइनेंशियल के रिसर्च हेड विवेक मित्ल का कहना है कि लगातार कम होती ब्याज दर, रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट जैसे कारणों ने छोटे शहरों के निवेशकों के पास इक्विटी एक नये ऑप्शन के तौर पर उभर कर आया है। और यही कारण है कि छोटे शहर के निवेशक भी अब ट्रेडिशनेल निवेश से बाहर निकल कर नया प्रयोग करना चाह रहे हैं। 

अगर निवेशकों की संख्या पर अगर नजर डालें तो तेलंगाना में निवेशकों की संख्या में 37.5, मिजोरम 21.7, मणिपुर में 17.3 फीसदी अरूणाचल प्रदेश में 12.14 फीसदी और दादर  नगर हवेली और गुजरात , महाराष्ट्र में भी 10.5 फीसदी बढ़ी है। 

छोटे शहरों में मयुचुअल फंड भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा हैं। इन शहरों का यूचुअल फंड संपत्ति आधार में योगदान जून के अंत में 46 प्रतिशत से  बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रूपए पहुंच गया। छोटे शहरों के योगदान में बढऩे से बाजार नियामक सेबी की ओर से उठाए गए कदम हैं।