अक्सर कहा जाता है कि नेता जो वादा करते हैं उसे पूरा नहीं करते। वे वादाखिलाफी करते हैं लेकिन मणिपुर के एक नेता ने जो किया उससे शायद आपका नेताओं पर भरोसा ना उठे। जी हां, हम बात कर रहे हैं मणिपुर के उपभोक्ता मामलों के मंत्री करम श्याम की। 26 नवंबर को एक कार्यक्रम के दौरान करम श्याम ने घोषणा की थी कि वे हर गुरुवार को साइकिल से दफ्तर जाएंगे। गत गुरुवार को ठीक वैसा ही हुआ। मंत्री जी ने घर से साइकिल उठाई और पहुंच गए अपने दफ्तर। यही नहीं कैबिनेट मीटिंग के लिए भी वे मुख्यमंत्री के बंगले तक साइकिल चलाकर ही पहुंचे। करम श्याम फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन मिनिस्टर भी हैं।


ईंधन बचाने के मकसद से उन्होंने साइकिल से हर गुरुवार को दफ्तर जाने की घोषणा की थी। उन्होंने सांजेनथोंग स्थित अपने सरकारी आवास से साइकिल पर सफर शुरु किया और यह खत्म हुआ बाबुपारा में पुराने सचिवालय में स्थित उनके दफ्तर पर। अपने दफ्तर में मीडिया कर्मियों से बातचीत में करम श्याम ने कहा, साइकिल चलाने का मकसद ईंधन संरक्षण के बारे में जागरुकता फैलाना है। आने वाली पीढ़ी को ईंधन संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।आम लोगों के बीच यह मानसिकता है कि साइकिल की सवारी से स्टेटस कम हो जाता है। इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है।
राज्य के युवाओं स्कूल, कॉलेज व कोचिंग क्लासेज साइकिल से जाने में शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। मंत्री कहा कि बदलाव के लिए किसी न किसी को तो चैलेंज सेट करना ही होगा। इसका इंतजार नहीं करना चाहिए कि बदलाव के लिए दूसरे पहल करेंगे। लीडरशिप में ओनर्शिप लेकर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक को प्रैक्टिकल लाईफ को लीड करना चाहिए। आने वाली पीढिय़ों के कल्याण के लिए सकारात्मक बदलाव जरूरी है और इसके लिए किसी न किसी को दृढ़ निश्चय करना ही होगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने साइकिल से काम पर जाने के उनके फैसले की तारीफ की और इसके लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्हें उम्मीद है कि अन्य कैबिनेट मंत्री भी इसे फॉलो करेंगे। मंत्री करम श्याम ने कहा कि राजनीतिक प्रणाली में नई सकारात्मक लहर लाने के लिए निर्वाचित सदस्यों को मितव्ययिता का पालन करना चाहिए। साइकिल से काम पर जाने के फैसले का लोगों के बीच मिलाजुला रेस्पांस मिल रहा है। वह अपने फैसले पर कायम रहेंगे। जो पहले घोषणा की थी कि हर गुरुवार को साइकिल चलाकर दफ्तर जाऊंगा उसे आगे भी जारी रखूंगा।