मणिपुर सरकार ने इंफाल नगर निगम (आईएमसी) की सीमा में सात मंजिल तक भवनों के निर्माण की अनुमति दे दी है। इससे पहले यहां पर केवल तीन मंजिला इमारत बनाने की मंजूरी थी। नगर प्रशासन, आवास और शहरी विकास विभाग मंत्री थुनोजम श्यामकुमार सिंह ने रविवार को कहा कि इस फैसले को विशेषज्ञों और वास्तुकारों से उचित परामर्श के बाद लिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह फैसला शहर के बाहरी इलाके की कृषि भूमि पर पड़ रहे दबाव से राहत दिलाने के लिए जरूरी था। शिवकुमार ने कहा, परमिट हासिल करने के बाद अब सात मंजिला इमारतें आईएमसी सीमा में बनाई जा सकती हैं। आईएमसी इंफाल पूर्व और पश्चिम जिलों के लगभग 34.48 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। मंत्री ने बिल्डरों से निर्माण के दौरान सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं और कानूनों का पालन करने का आग्रह किया क्योंकि मणिपुर भूकंपीय क्षेत्र में आता है। पिछले एक साल के अंदर राज्य में लगभग 32 भूकंप दर्ज किए गए हैं। 2016 में मणिपुर में 6.7 की तीव्रता वाला भूकंप आया था जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा था।

अधिकारियों का कहना है कि सात मंजिला इमारतों को भूकंप प्रतिरोधी बनाना होगा। वहीं पहले से निर्मित इमारतों के डिजाइन को भूकंपीय क्षेत्र में निर्माण के संबंध में स्थापित मानदंडों के अनुरूप खुद में बदलाव करने होंगे। उन्होंने कहा कि भवनों के डिजाइन को पंजीकृत संरचनात्मक इंजीनियरों द्वारा अनुमोदन कराना होगा।