मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली संजीता चानू के डोपिंग मामले को लेकर केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को एक लेटर लिखा है। लेटर में उन्होंने खेल मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसा हो सकता है कि भारोत्तोलक के नमूने की पहचान में गलती हुई हो।


बता दें कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने उन्हें एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन नियम के तहत तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। उनका पदक भी छीना जा सकता है।

आईडब्ल्यूएफ के मुताबिक संजीता चानू को डोप टेस्ट में फेल पाया है। डोपिंग टेस्ट के दौरान चानू के ब्लड में एनाबॉलिक स्टेरॉइड टेस्टोस्टेरॉन नाम का ड्रग पाया गया है जो प्रतिबंधित किया जा चुका है। यह एक ऐसा ड्रग है, जिससे एथलीट के शरीर में बहुत ज्यादा ताकत आती है। इसी के चलते उन्हें डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन करने पर अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। फेडरेशन ने हालांकि डोप परीक्षण नमूना लेने की तारीख जैसे अन्य विवरण नहीं दिया और कहा, 'आईडब्ल्यूएफ इस मामले के समाप्त होने तक और कोई टिप्पणी नहीं करेगा।


2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी जीता था पदक

संजीता ने पिछले साल नवंबर में अनाहेम (अमेरिका) में विश्व चैंपियनशिप में 53 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया था और कुल 177 किलोग्राम भार वर्ग उठाकर 13वें स्थान पर रही थीं। उन्होंने गोल्ड कोस्ट में 53 किग्रा भार वर्ग में कुल 192 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले संजीता ने ग्लास्गो 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम भार वर्ग में भी स्वर्ण पदक जीता था।


कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में जीता स्वर्ण

चानू ने गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 53 किलोग्राम भार वर्ग में (192 किग्रा) भार उठाकर सोने का तमगा जीता। इस वर्ग का रजत पदक पापुआ न्यू गिनी की लाऊ दिका ताऊ और कनाडा की रेशल लेबनांक ने जीता था।


चानू से पदक छीना जाता है तो पापुआ न्यू गिनी मिलेगा


अगर चानू का स्वर्ण पदक छीना जाता है तो स्वर्ण पदक पापुआ न्यू गिनी की लाऊ को मिल जाएगा, जबकि कांस्य पदक जीतने वाली कनाडा की रेशल को रजत पदक मिलेगा। इस प्रतियोगिता में चौथे नंबर पर रही भारोत्तोलक को कांस्य पदक मिल जाएगा।