मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जो लोग मेडिकल ट्रीटमेंट अफॉर्ड नहीं कर सकते उनको वित्तीय मदद मुहैया कराने के लिए सरकार हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम लाएगी। 

नॉर्थ ईस्ट हेल्थकेयर कांफ्रेंस का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। बीरेन सिंह ने कहा कि कांफ्रेंस से क्षेत्र में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा। साथ ही मेडिकल टूरिज्म का भी विकास होगा। 

कांफ्रेंस में नई दिल्ली स्थित एम्स के पूर्व निदेशक सुमंत सिंह, ईस्टर्न रीजन हेल्थकेयर सब कमेटी के चेयरमैन आर.सी.डेका, चेन्नई के कावेरी अस्पताल के को-चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय प्रसाद और मेडिकल प्रोफेशनल रुपक बरुआ शामिल हुए। 

कांफ्रेंस का आयोजन सीआईआई ने किया। कांफ्रेंस सिटी कन्वेंशन सेंटर में हुई। करीब 300 स्टेकहोल्डर्स ने इवेंट में भाग लिया। मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा कि मणिपुर में जल्द ही एयर मोबाइल हेल्थकेयर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

राज्य सरकार ने विदेशी नागरिकों खासतौर पर म्यांमार के नागरिकों के लिए वीजा ऑन अरवाइल सुविधा शुरू करने के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है। इससे मणिपुर में मेडिकल टूरिज्म फल फूल सकता है।

उन्होंने बताया कि जल्द ही रीजनल एयर कनेक्टिविटी भी विकसित की जाएगी। केन्द्र सरकार ने 100 बिस्तर वाले कैंसर अस्पताल और 60 बिस्तर वाले मेंटल हॉस्पिटल के लिए मंजूरी दे दी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी तरह की जांचें फ्री की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 26 सरकारी अस्पतालों में सभी दवाएं सस्ती दर पर उपलब्ध है। 

रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंज, जवाहरलाल नेहरु इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सात जिला अस्पतालों, 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 85 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और 9 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 57 नोटिफाइड मेडिकल जांचे मुफ्त में की जाएगी।