त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने राज्य के लोगों से त्रिपुरा में आठवीं बार लेफ्ट फ्रंट की सरकार बनाने के लिए आंदोलन में शामिल होने का अनुरोध किया।

अगरतला के विवेकानंद मैदान में सीटू की रैली में करीब 20 हजार पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए माणिक सरकार ने कहा, त्रिपुरा में लेफ्ट फ्रंट सरकार को अस्थिर करने के लिए गहरी साजिश रची जा रही है। बकौल सरकार, हमने देश में सामाजिक सुरक्षा, वैकल्पिक नीति प्रदान कर उदाहरण पेश किए हैं। लेफ्ट फ्रंट ही राजनीतिक विकल्प हो सकता है।

आपको बता दें कि त्रिपुरा में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। माणिक सरकार ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि इंडस्ट्री के संरक्षण के लिए जो कुछ भी संभव था वह किया गया। जनवरी 1978 में त्रिपुरा में लेफ्ट फ्रंट की पहली सरकार बनी थी। उस वक्त राज्य में करीब 170 छोटे और मझौली इंडस्ट्रियल यूनिटें थी। अब करीब 4 हजार 500 छोटी व मझौली इंडिस्ट्रियल यूनिटें है।

इससे 65 हजार लोगों को काम मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेफ्ट फ्रंट सरकार वर्किंग क्लास व गरीबों की दोस्त व हमदर्द है। बकौल सरकार,अगर त्रिपुरा में भी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार होती तो हम इंडस्ट्रीज को डाउनसाइज नहीं करते। हम वर्कर्स को बर्खास्त नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में अशांति पैदा करने के लिए लगातार कोशिशें हो रही है। उन्होंने इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा(आईपीएफटी) पर आरोप लगाया कि वह त्रिपुरा में लोगों को जातीय आधार पर बांट रही है और भाजपा गुप्त रूप से उसका समर्थन कर रही है। सरकार ने कहा कि आईपीएफटी को फाइनेंशियली व लॉजिस्टिकली भी मदद मिल रही है। माणिक सरकार भाजपा पर जमकर बरसे।

उन्होंने कहा कि राज्य के विभन्न इलाकों में हिंदू मूर्तियों को नापाक कर सांप्रदायिक मनमुटाव पैदा करने की कोशिशें की जा रही है। अपने भाषण में सीटू के राष्ट्रीय नेता के.हेमलता ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 2014 में सत्ता में आने के बाद से पूंजीपतियों के पक्ष में फैसले ले रही है। हेमलता ने कहा, उन्होंने वर्कर्स को धोखा दिया। न्यूनतम वेतन पर नीति से इनकार किया। देशभर के वर्कर्स एक हो रहे हैं।

ट्रेड यूनियन लीड ने त्रिपुरा की लेफ्ट फ्रंट सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उसने कामगारों के हितों की रक्षा के लिए सफलतापूर्वक काम किया है। परिवहन मंत्री माणिक डे और सांसद शंकर प्रसाद दत्ता ने भी रैली को संबोधित किया।