उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैंट इलाके में एक व्यक्ति ने प्रेमिका की हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मार कर अपनी जान दे दी। महिला के सीने पर तो पुरूष के माथे में गोली लगी है। पुलिस ने मंगलवार को यहां कहा कि कैंट इलाके के एनसीसी मेस के पास सुनसान स्थान पर सोमवार देर रात एक कार खड़ी मिली। आर्मी की पेट्रोलिंग टीम ने उसे देखा और नजदीक से छानबीन की। कार के अंदर संजय निगम और आशा अग्रवाल का शव पड़ा था। दोनों को गोली लगी थी। युवती को सीने में गोली लगी थी। वहीं संजय को माथे के बीच में। पुलिस के मुताबिक, प्रेम प्रसंग का मामला लग रहा है। 

युवती की हत्या के बाद संजय ने खुदकुशी की है। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारी छानबीन कर रहे हैं। कैंट के रामदास का हाता निवासी संजय निगम शेफ किचन के नाम से रेस्टोरेंट चलाते हैं और परिवार के साथ गोमतीनगर में रहते थे। रामदास हाता का आवास उन्होंने किराए पर उठा रखा था। सोमवार रात संजय की कार एनसीसी मेस के पास सुनसान इलाके में मिली। कार के अंदर चालक वाली सीट पर संजय निगम का खून से लथपथ शव पड़ा था। वहीं बगल की सीट पर एक युवती का शव पड़ा था। कार के नंबर के आधार पर मालिक का नाम व पता निकाला गया। कार संतोष शर्मा के नाम से पंजीकृत थी। वह तेलीबाग के रहने वाले हैं। 

पुलिस संतोष के घर गई। वहां पता चला कि कुछ दिन पहले कार को उन्होंने संजय निगम के हाथ बेची थी। कार का कागज अभी ट्रांसफर नहीं किया था। कार में संजय निगम के पास से एक .32 बोर की लाइसेंसी रिवाल्वर मिली। जिससे चार गोलियां चलने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने रिवाल्वर को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक संजय निगम का पत्नी से विवाद चल रहा है। पुलिस के अनुसार, उनका किसी युवती से संबंध था। फोरेंसिक टीम को कार के अंदर से दो पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। 

सुसाइड नोट में संजय निगम ने लिखा है कि मेरी मौत की जिम्मेदार अंजू नाम की महिला है। उसने मेरी जिंदगी खराब कर दी है। वह मेरी दुकान पर कब्जा करना चाहती है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, अंजू कौन है? यह अभी साफ नहीं हो सका है। संजय के साथ कार में जिस महिला का शव मिला है। उसकी शिनाख्त कैंट इलाके की आशा अग्रवाल के रूप में हुई है। उसके पति की मौत हो चुकी है। एक बेटा व एक बेटी है। दोनों के बीच संबंध के बारे में दोनों के परिवार जानते थे।