कोरोना से सौ दिन से लंबी जंग की एक अनोखी कहानी सामने आई हैं। इसे चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। चेन्नई के रेला अस्पताल में कोरोना संक्रमण के बाद 56 वर्षीय एक व्यक्ति मुदीजा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर और एक्मो सपोर्ट पर रखा गया। नौ हफ्ते पर एक्मो सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों का दावा है कि मुदीजा देश के पहले मरीज हैं जो एक्मो सपोर्ट पर रहने के बाद बिना फेफड़ा प्रत्यारोपण के स्वस्थ हुए हैं। 109 दिन बाद घर लौट सके हैं।

मुदीजा को अप्रैल में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उन्हें मध्यम स्तर के कोरोना संक्रमण के साथ निमोनिया की तकलीफ थी। उनका ऑक्सीजन लेवल 92 फीसदी था, लेकिन उनकी हालत समय के साथ खराब होती जा रही थी। उन्हें प्रति मिनट दस लीटर ऑक्सीजन की जरूरत हो रही थी। डॉक्टरों का कहना है कि एक्मो सपोर्ट पर 50 दिन रखने के बाद मरीज के फेफड़ों में हरकत दिखी। इसके बाद एक्मो सपोर्ट के पैरामीटर में धीरे-धीरे बदलाव किए जाने लगे। 62वें दिन मरीज का एक्मो सपोर्ट हटा दिया गया। मुदीजा का उपचार करने वाले डॉ. अरूमुगम बताते हैं कि मेरी पूरी टीम ने चमत्कार देखा है।