गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की आलोचना करना एक शख्स को भारी पड़ गया। पुलिस ने ओफेंसिव कमेंट्स के आरोप में सोनितपुर जिले के रहने वाले एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया। बिश्वनाथ चरियाली निवासी परीमल गोरे ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में मुख्यमंत्री सोनोवाल और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के खिलाफ ओफेंसिव कमेंट्स किए थे। गोरे को 8 मई को उसके घर से धरा गया। 

उसके खिलाफ आपराधिक साजिश और घृणा फैलाने का आरोप लगाया गया है। गोरे के खिलाफ आईपीसी की धारा 120(बी),153(ए,बी),504(2) के तहत केस दर्ज किया गया। बिश्वनाथ चरियाली पुलिस थाने के इंचार्ज अनुज गोस्वामी ने बताया कि ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्यों ने गोरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। गोरे ने व्हाट्सएप ग्रुप में सोनोवाल और आसू के खिलाफ ओफेंसिव टिप्पणियां की थी। एफआईआर के आधार पर गोरे को गिरफ्तार किया गया।

गोरे इलाके के पत्रकारों के एक व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य है। गिरफ्तारी के बाद गोरे को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गोरे ने जो कमेंट व्हाट्सएप ग्रुप में किए थे वही पोस्ट उसने फेसबुक टाइमलाइन पर भी शेयर की थी। यह पोस्ट असमिया भाषा में थी। उसने लिखा था कि असम के मुख्यमंत्री स्वार्थी इंसान हैं और क्षेत्रवाद की पीठ पर सवार हैं। आसू की स्टूडेंट बॉडी ने रीजनल लीडर के रूप में फेम कमाई है। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि सोनोवाल और आसू की स्टूडेंट बॉडी स्थानीय लोगों की भवनाओं के साथ खेल रहे हैं। उन्होंने राज्य के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया। फेसबुक अकाउंट में गोरे ने खुद को सोशल और सीपीआई(एमएल) का सदस्य बताया है।