अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीजेपी ने अपने अभियान में युद्ध स्तर पर तेजी लाते हुए केंद्रीय मंत्रियों, एक उप-मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय नेताओं को विभिन्न मोर्चों पर तैनात किया है और उन्हें छह से सात संसदीय क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस हफ्रते के अंत में राज्य का दौरा करेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्रिपरिषद के उनके सहयोगी गजेंद्र सिंह शेखावत, संजीव बालियान, प्रह्लाद पटेल, अर्जुन मुंडा और मनसुख भाई मांडविया अगले कुछ दिनों के भीतर प्रदेश का दौरा करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और मध्य प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी पश्चिम बंगाल में जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रीय मंत्री पटेल से जब उन्हें पश्चिम बंगाल में मिली जिम्मेदारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की और बताया कि उन्हें उत्तर बंगाल में पार्टी की चुनावी तैयारियों का जिम्मा सौंपा गया है।

सूत्रों ने बताया कि शाह 19 दिसंबर को इन सभी नेताओं के साथ एक बैठक करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। शाह इस सप्ताहांत दो दिवसीय बंगाल दौरे पर रहेंगें । इस दौरान वह एक राजनीतिक सभा को संबोधित करेंगे और मिदनापुर जिले में एक किसान के घर दोपहर का भोजन करेंगे। ऐसी खबरें और चर्चाएं हैं कि तृणमूल कांग्रेस से नाराज चल रहे पूर्व मंत्री शुभेन्दु अधिकारी, शाह की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। अधिकारी ने ममता मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया था।

बीजेपी नेतृत्व ने पहले ही अपने केंद्रीय पदाधिकारियों को पश्चिम बंगाल के पांच विभिन्न इलाकों की जिम्मेदारी सौंप रखी है। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी अभी तक कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई है लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 18 सीटों पर मिली जीत से उसके हौसले बुलंद हैं और वह तृणमूल कांग्रेस के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभर कर सामने आई है। पार्टी के नेता लगातार दावा करते आ रहे हैं कि इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार को उखाड़ सत्ता से बाहर फेंक देगी।