केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है। पीयूष गोयल ने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा को मिली एतिहासिक जीत से ममता के होश उड़े हुए हैं। ममला पर हमला करते हुए उन्होंने कहा पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है और यहां पर राजनीतिक हत्याएं की जा रही हैं, बीजेपी के कार्यकर्ताओं को मारा जा रहा है।


पीयूष गोयल का कहना है कि लेफ्ट की जो स्थिति त्रिपुरा में हुई वही टीएमसी की पश्चिम बंगाल में होगी। गोयल ने कहा कि वहां की जनता ने त्रिपुरा में लेफ्ट पार्टी की सरकार को धराशाई कर दिया और बीजेपी को सत्ता में ले आई, लोकसभा चुनाव में यही हाल ममता सरकार का होने वाला है।


पीयूष गोयल ने कहा कि राज्य में जिस तरह से बीजेपी का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है उससे ममता बनर्जी डर गई हैं। अमित शाह की रैली पर आ रही अड़चनों के बारे में गोयल ने कहा कि पीएम मोदी की लोकप्रियता पूरे देश में बढ़ती जा रही है उससे घबराकर ममता बनर्जी बीजेपी नेताओं की रैलियां और कार्यक्रम नहीं होने दे रही हैं।



गोयल ने कहा कि अमित शाह की मंगलवार को मालदा में रैली होनी है, जनसभा होनी है, मगर उनके हेलीकॉप्टर को उतरने की इजाजत सरकार द्वारा नहीं जा रही है, जबकि कुछ दिन पहले ही वहां पर ममता बनर्जी के हेलीकॉप्टर को उतरने की इजाजात दी गई थी। गोयल ने कहा कि ममता बनर्जी अमित शाह से खौफ में है।


पीयूष गोयल ने बाद में ट्वीट किया, 'माल्दा में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं, बगल में हेलिकॉप्टर की लैंडिग स्ट्रिप है, कह दिया जाता है कि वहां रिपेयर का काम चल रहा है, समाचार की साइट में चित्र दिखाया गया है कि वहां कोई रिपेयर का काम नही चल रहा है।'


पीयूष गोयल ने कहा कि यदि किसी अन्य दल के वरिष्ठ राजनेता की रैली को रोका जाता तो पूरे देश में इन्टॉलरेंस का हल्ला मचा दिया जाता। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वहां की जनता ममता बनर्जी की सरकार की नाकामी से दुखी है, उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा हो या हो सरस्वती पूजा, या फिर रामनवमी ममता बनर्जी अड़चनें पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता सरकार को जनता को हिसाब देना होगा। उन्होंने ट्वीट किया, 'जहां दुर्गा पूजा नहीं की जा सकती, न पॉलिटिकल रैली की जा सकती है, न सरस्वती पूजा पर परमिशन मिलती है, ये सरकार का पूरी तरह फेल होना दर्शाता है।'


पीयूष गोयल का कहना है कि इतना ही नहीं जब पश्चिम बंगाल में लोकल बॉडीज के चुनाव हो रहे थे तो वहां पर बीजेपी उम्मीदवारों को नामांकन नहीं भरने दिया गया। कई कैंडिडेट्स की हत्या की गई, बाइक रैली को नामंजूर कर दिया गया। पीयूष गोयल ने कहा कि इन हालातों को देख कर वहां की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।


पीयूष गोयल ने महागठबंधन की रैली में शामिल नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोलकाता में जितने दल इकट्ठे हुए थे वह लोग वहां की कानून व्यवस्था के बारे में क्यों नहीं बात करते?