खानाकुल. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए जानना चाहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान या महामानव, हैं जो विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा कर रहे हैं, जबकि अभी छह चरण के चुनाव होने बाकी हैं।  सीएम ममता बनर्जी ने 6 चरण के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री के इस तरह के बयान पर न सिर्फ सवाल खड़े किए हैं बल्कि पीएम मोदी की मंशा पर मुख्यमंत्री ने सवाल भी उठाया है। 

हुगली जिले में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बनर्जी ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और इसके संस्थापक अब्बास सिद्दिकी का नाम लिए बिना कहा कि भाजपा ऐसे व्यक्ति को अल्पसख्यक मतों में सेंध लगाने के लिए रुपये दे रही है।  प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को एक चुनावी सभा में कहा था कि वह पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे और उससे यथाशीघ्र प्रधानमंत्री किसान निधि योजना लागू करने के लिए कहेंगे। 

इस बयान का संदर्भ देते हुए बनर्जी ने कहा, आप (मोदी) अपने आप को क्या समझते हैं, क्या आप भगवान या महामानव हैं? मोदी ने शनिवार को मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कुछ तृणमूल नेताओं का हवाला दिया, जिनका दावा है कि बनर्जी 2024 का लोकसभा चुनाव वाराणसी से लड़ सकती हैं।  प्रधानमंत्री ने कहा कि यह साबित करता है कि दीदी (बनर्जी) ने हार स्वीकार कर ली है। 

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी की बांग्लादेश के पहले प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर रहमान की शताब्दी जयंती के मौके पर की गई पड़ोसी देश की यात्रा से वहां दंगे भड़के। बनर्जी ने परोक्ष रूप से सिद्दिकी का संदर्भ देते हुए कहा, एक नया व्यक्ति आया है जो राज्य में अल्पसंख्यक मतों को बांटने का प्रयास कर रहा है और उसे भाजपा से इसके लिए रुपये मिल रहे हैं।  बता दें कि सिद्दिकी नीत आईएसएफ का माकपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन है। 

बनर्जी ने जोर दिया, वह सांप्रदायिक बयान दे रहे हैं लेकिन उसका असर नहीं होगा।  उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह निर्वाचन आयोग को राज्य में पुलिस अधिकारियों के ताबदले के लिए निर्देश दे रहे हैं।