पश्चिम बंगाल सरकार ने दार्जिलिंग गतिरोध पर 29 अगस्त को वार्ता के लिए जीएनएलएफ को आमंत्रित किया है लेकिन आंदोलन छेड़ने वाले जीजेएम की अनदेखी कर दी है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तरी बंगाल के बाढ़ प्रभावित इलाके के दौरे से लौटने के बाद कहा, 'मुझे गर्खा नेशनल लिबरेशन फंट(जीएनलएफ) से सोमवार रात एक पत्र मिला और 24 घंटे के भीतर हमने जवाब दिया। वार्ता के लिए दरवाजा हमेशा से खुला है।'

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वार्ता के लिए गोर्खालैंड आंदोलन समन्वय समिति के घटक जीएनएलएफ के प्रस्ताव को स्वीकार लिया है और राज्य सचिवालय में चर्चा के लिए 29 अगस्त की तारीख तय की है। लेकिन, ममता ने आंदोलन छेड़ने वाले गोर्खा जनमुक्ति मोर्चा का जिक्र नहीं किया।