ममता बनर्जी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चमलिंग मौजूद में कहा, दार्जिलिंग के मुद्दे पर हमारे बीच जो भी गलतफहमी थी, वह अब खत्म हो चुकी है। मुझे लगता है कि यह दार्जिलिंग के लोगों के लिए अच्छा है। यह बंगाल और सिक्किम दोनों के लिए अच्छा है। उत्तर बंगाल में राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय उत्तर कन्या में चामलिंग के साथ हुई अपनी मुलाकात को ममता ने लाभदायक बताया।


ममता ने कहा, हम दोनों राज्यों के बीच अच्छी समझ चाहते हैं। हमारे बीच जो कुछ भी छोटी समस्याएं और गलतफहमी थी, उसे सुलझाया जाएगा। श्री चामलिंग ने भी यही कहा। हम एक साथ काम करेंगे। मुझे लगता है कि दोनों राज्यों के करीब आने के लिए यह एक प्रारंभिक प्रयास है। उन्होंने आगे कहा, अगर दोनों राज्य एक साथ रहते हैं और एकजुट होकर काम करते हैं, तो दोनों राज्यों में विकास होगा और पर्यटन भी बढ़ेगा।


चामलिंग ने खुले तौर पर एक अलग गोरखा राज्य की मांग का समर्थन किया था और केंद्र सरकार को दार्जिलिंग में जारी गतिरोध को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा था। उन्होंने भी माना कि दोनों राज्यों के बीच की गलतफहमी अब अतीत की बात हो गई है। चमलिंग ने कहा, अब हम सिक्किम और पश्चिम बंगाल के जिले दार्जिलिंग के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगे। हमारी चर्चा विकास के मुद्दे पर हुई। जो भी गलतफहमी थी, वो समाप्त हो चुकी है। अब हम (सिक्किम और बंगाल) अपने बेहतर भविष्य और संबंध के लिए कार्य करेंगे।


ममता ने यह भी कहा कि बंगाल और सिक्किम के बीच वाहनों की अंतरराज्यीय आवाजाही पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी इस मुद्दे पर चर्चा करके इसे सुलझाएंगे। उन्होंने कहा, उनके वाहन हमारे राज्य में आएंगे और हमारे वाहन उनके यहां जाएंगे। दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।


ममता बनर्जी ने हाल में दार्जिलिंग में पहला पर्वतीय व्यापार सम्मेलन आयोजित किया था। उन्होंने कहा, हम हाल में यहां हुए औद्योगिक सम्मेलन में चमलिंग को बुला सकते थे। अगली बार से हम सिक्किम को इस सम्मेलन में बुलाएंगे। इससे दोनों राज्यों के औद्योगिक क्षेत्र का विकास होगा।