पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और तृणमूल अंत तक इसका विरोध करती रहेगी। सनहाटी दिवस पर रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार आर्थिक मंदी से ध्यान हटाने के लिए सीएबी और एनआरसी विधेयक लेकर आयी है। 

उन्होंने कहा, अगर आप सभी समुदाय को नागरिकता देंगे तो मैं इसका समर्थन करुंगी लेकिन आप धर्म के आधार पर भेदभाव करेंगे तो मैं इसका विरोध करुंगी और इसके विरुद्ध लड़ाई लड़ूंगी। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिला की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने उन्नाव में दुष्कर्म पीडि़ता को जलाने का मुद्दा भी उठाया। 

मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ घटनाएं ऐसी हैं जिसका हम समर्थन नहीं कर सकते। कानून को मजबूत करने की जरुरत है। सत्ता में आने के बाद हमने 10 दिनों के अंदर दिनाजपुर मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। बनर्जी ने कहा, हम महिलाओं के ऊपर अत्याचार बदर्शात नहीं करेंगे। हैदराबाद और उन्नाव की घटनाओं ने मुझे झकझोर कर रख दिया। सभी को उन्नाव घटना के मामले के बारे में पता है इसके बावजूद पीडि़ता को जला दिया गया। 

मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पुलिस ऐसे में मामलों में कड़ी कार्रवाई करे। बनर्जी ने कहा, ऐसे मामले को आपातकालीन मामले की तरह लें। जो इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं करेगा हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि किसी को भी कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, कानून का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। पुलिस, प्रशासन और न्यायालय अपना काम करेंगे।

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