इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए जासूसी का मामला तूल पकड़ते जा रहा है.  बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसकी जांच के लिए आयोग का गठन किया है.  जांच की जिम्मेदारी कोलकाता हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश मदन भीमराव और पूर्व चीफ जस्टिस ज्योतिर्मय भट्टाचार्य को सौंपी गई है. 

ममता ने कहा कि बंगाल पहला राज्य बन गया है, जो जासूसी कांड की जांच करेगा.  हमें उम्मीद थी कि केंद्र इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई करेगा या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.  इजराइली सॉफ्टवेयर के जरिए नागरिकों से लेकर न्यायपालिका तक को सर्विलांस पर रखा गया. 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चार दिन के दौरे पर आज दिल्ली पहुंच रही हैं.  उनका विपक्ष के कई नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है.  बंगाल CM  की इस कवायद को भाजपा के खिलाफ शक्तिशाली मोर्चा बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.  ममता ने अपने दिल्ली दौरे की जानकारी खुद 22 जुलाई को दी थी.  ममता ने कहा था, अगर राष्ट्रपति से वक्त मिला तो उनसे मुलाकात करूंगी.  प्रधानमंत्री से 28 जुलाई को मिलने का समय मिला है. 

बता दें कि मार्च-अप्रैल में हुए बंगाल चुनाव के बाद ममता और मोदी का पहली बार आमना-सामना होगा.  एक और खास बात यह है कि ममता की मोदी से मुलाकात ऐसे समय होने जा रही है जब ममता पेगासस जासूसी विवाद और मीडिया हाउसेज पर रेड जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं.  राजनीतिक कद बढ़ाना चाहती हैं ममता ममता के दिल्ली दौरे को राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.  साथ ही माना जा रहा है कि ममता बंटे हुए विपक्ष को बीजेपी के खिलाफ एकजुट करना चाहती हैं.  हाल ही में हुए बंगाल चुनाव में बीजेपी के खिलाफ तृणमूल की जीत को देखते हुए भी ममता के दिल्ली दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं. 

ममता बनर्जी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और गुजरात समेत कई राज्यों में मेगा वर्चुअल रैली की थी.  इस रैली से ममता ने जाहिर कर दिया है कि बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उनकी नजर अब दिल्ली पर है.  ममता ने कहा कि जब तक भाजपा पूरे देश से साफ नहीं हो जाती है, तब तक सभी राज्यों में खेला होगा.  उन्होंने कहा कि हम 16 अगस्त से खेला दिवस की शुरुआत करेंगे और गरीब बच्चों को फुटबॉल बांटेंगे.