पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की निंदा की। ममता ने भाजपा शासित राज्यों व गैर भाजपा शासित राज्यों में हिंसा की घटनाओं से निपटने में भेदभाव बरतने का आरोप लगाया।

हरियाणा के पंचकूला में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दुष्कर्म का दोषी करार देने पर हुई हिंसा में मौतों का जिक्र करते हुए ममता ने आरोप लगाया, ''भाजपा पश्चिम बंगाल में 'रामÓ व 'रहीम के नाम पर दंगा कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने हमेशा हिंदू व मुस्लिम को बांटने का प्रयास किया है। लेकिन पंचकूला में एक 'राम रहीम को रोकने की कोशिश में 30 लोगों की मौत हो गई और बहुत सारे लोग घायल हो गए।

तृणमूल की छात्र शाखा द्वारा आयोजित रैली में अपने संबोधन में ममता ने कहा कि केंद्र भाजपा शासित राज्यों व देश के दूसरे दंगा प्रभावित राज्यों में केंद्रीय बलों की तैनाती में भेदभाव कर रहा है।

ममता ने कहा, ''जब दार्जिलिंग में अशांति थी तो हमें सिर्फ सेना की चार बटालियन दी गईं, वह भी अदालत के आदेश पर। जबकि, हाल में हुए हंगामे में हरियाणा सरकार को 40 बाटालियन दी गई। भाजपा शासित राज्यों के लिए अलग व्यवस्था है और गैर भाजपा शासित राज्यों के लिए अलग। क्या ऐसे सरकार चलाई जानी चाहिए?

हरियाणा में 25 अगस्त को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म का दोषी करार दिए जाने पर डेरा समर्थकों ने पंचकूला व सिरसा में उपद्रव, तोडफ़ोड़, आगजनी की थी। गुरमीत राम रहीम को सोमवार को हरियाणा के रोहतक में अदालत ने 2002 के दुष्कर्म मामले में दस साल की सजा सुनाई।

गृह मंत्रालय ने राज्य की स्थिति को सोमवार को तनावपूर्ण बताया, लेकिन स्थिति के नियंत्रण में होने की बात कही।

गृह मंत्रालय का कहना है कि डेरा प्रमुख मामले में हिंसा में पैंतीस लोगों की मौत हुई है। इनमें से 17 पंचकूला में, छह सिरसा में और बारह चंडीगढ़ में मारे गए हैं।