पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार संकट में आ सकती है क्योंकि वन मंत्री राजीब बनर्जी ने इस्तीफा दे दिया है। पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इसके साथ ही आज यानि 22 जनवरी को राज्य के वन मंत्री राजीब बनर्जी ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे 17 दिन पहले यानी 5 जनवरी को खेल मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने इस्तीफा दे दिया था।

राजीब बनर्जी ने ममता को लिखी चिट्ठी में कैबिनेट से इस्तीफे की कोई वजह नहीं बताई है। सिर्फ इतना लिखा है कि मुझे पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा करने का सौभाग्य मिला। मुझे मौका मिला इसके लिए मैं बहुत आभारी हूं। राजीब बनर्जी दोमजुर से विधायक है। उन्होंने इस्तीफे की एक कॉपी गवर्नर जगदीप धनखड़ को भी भेज दी है।
पिछले एक महीने में 3 मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। दिसंबर में ममता के खास रहे शुभेंदु अधिकारी ने मंत्री पद छोड़ा था। 5 जनवरी को लक्ष्मी रतन शुक्ला ने खेल और युवा मामलों के मंत्री और 22 जनवरी को वन मंत्री राजीब बनर्जी ने रिजाइन कर दिया। यानी अब तक 3 मंत्री कैबिनेट से जा चुके हैं। 20 जनवरी को अरिंदम भट्टाचार्य भाजपा में शामिल हो गए। अरिंदम नादिया के शांतिपुर से विधायक हैं।

19 दिसंबर को शुभेंदु अधिकारी, अमित शाह की मौजूदगी की भाजपा में शामिल हो गए। लक्ष्मी रतन शुक्ला और राजीब ने फिलहाल टीएमसी नहीं छोड़ी है। शुक्ला के इस्तीफे के बाद ममता ने कहा था कि इस्तीफा कोई भी दे सकता है, इसे निगेटिव नहीं लेना चाहिए।

19 दिसंबर को शुभेंदु के साथ ही सांसद सुनील मंडल, पूर्व सांसद दशरथ तिर्की और 10 विधायकों ने भी भाजपा ज्वॉइन की थी। इनमें 5 विधायक तृणमूल के ही थे। ममता बनर्जी सरकार का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। लिहाजा अप्रैल.मई में ही विधानसभा की 294 सीटों के लिए चुनाव करा लिए जाएंगे।